Bihar News: जलजमाव में डूबा शिक्षा का भविष्य, 15 वर्षों से तालाब बना विद्यालय परिसर

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संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिम चंपारण

सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के दावों के बीच बगहा नगर स्थित राजकीय आदर्श मध्य विद्यालय, पटखौली की बदहाल स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। लगातार बारिश और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यालय का पूरा परिसर जलाशय में तब्दील हो गया है। करीब ढाई फीट तक पानी जमा होने से छात्र-छात्राएं और शिक्षक पिछले लगभग 15 वर्षों से इसी परिस्थिति में पढ़ाई और शिक्षण कार्य करने को मजबूर हैं। हर वर्ष बरसात के तीन से चार महीनों तक यही स्थिति बनी रहती है।

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विद्यालय में लगभग 1200 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। जलजमाव के कारण बच्चों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। कई बार छात्र-छात्राएं फिसलकर गिर जाते हैं, उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और उन्हें पढ़ाई छोड़कर घर लौटना पड़ता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जलमग्न परिसर में सांप भी देखे जा रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

यह विद्यालय अनुमंडल कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर तथा प्रखंड शिक्षा कार्यालय के समीप स्थित है। इसके बावजूद वर्षों से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

प्रधानाध्यापक और शिक्षक अपने स्तर पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पढ़ाई करने विद्यालय तो जाते हैं, लेकिन गंदे पानी, कीचड़ और संक्रमण के खतरे के बीच शिक्षा ग्रहण करना उनकी मजबूरी बन गई है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक नंदकिशोर प्रसाद ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से संबंधित अधिकारियों, स्थानीय विधायक और सांसद को अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में विद्यालय की यही स्थिति हो जाती है और सबसे अधिक परेशानी बच्चों को उठानी पड़ती है।

वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी फूदन राम ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है तथा समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

लगातार बनी यह स्थिति शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि वर्षों से जलजमाव की समस्या झेल रहे इस विद्यालय को आखिर कब स्थायी राहत मिलती है।

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