संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिम चंपारण।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार के मंत्री सह जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) के अध्यक्ष लखेन्द्र कुमार रौशन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार, बेतिया में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा समापन बिहार गीत के साथ किया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, पश्चिम चंपारण द्वारा पिछली बैठक की कार्यवाही के अनुपालन प्रतिवेदन तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी दी गई। इस दौरान विभिन्न विभागों की उपलब्धियों, लंबित मामलों एवं जनहित से जुड़े विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि प्रभारी मंत्री के रूप में पश्चिम चंपारण जिले में पहली बार बैठक करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि जिले के विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम चंपारण लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सभी के सामूहिक प्रयासों से इसे एक आदर्श जिला बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के अनुभव और सुझाव प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अधिकारियों द्वारा ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने आगे भी इसी भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
मंत्री ने निर्देश दिया कि 20 सूत्री समिति की बैठकों से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन सभी सदस्यों को बैठक से कम-से-कम एक सप्ताह पूर्व उपलब्ध कराया जाए, ताकि सदस्य उसकी समीक्षा कर सकें। उन्होंने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
नेपाल सीमा से सटे जिले की विशेष परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर करने को कहा।
उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय तथा सरकार द्वारा निर्धारित सभी सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस संबंध में अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान जिले में अतिक्रमण की समस्या पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने स्थायी अतिक्रमणों को प्रभावी ढंग से हटाने तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर मालवाहक वाहनों से होने वाली अवैध वसूली पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विकास संबंधी कार्य विद्यालय प्रबंधन समिति की स्वीकृति एवं अनुमोदन के बाद ही कराए जाएं। यदि किसी विद्यालय में समिति की अनुमति के बिना रात्रि प्रहरी की नियुक्ति अथवा अन्य कार्य किए गए हैं, तो उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सांसद डॉ. संजय जायसवाल, सांसद सुनील कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया तथा उनके समाधान के लिए सुझाव दिए। प्रभारी मंत्री ने सभी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक के उपरांत प्रभारी मंत्री द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच लाभों का वितरण भी किया गया। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण योजना की प्रोत्साहन राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को नव-निर्मित आवास की चाबी, जॉब कार्ड तथा राशन कार्ड वितरित किए गए।
बैठक में सांसद, विधायक, विधान पार्षद, जिला परिषद प्रतिनिधियों सहित 20 सूत्री समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता एवं विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे।