संवाददाता राजेन्द्र कुमार
राजापाकर /वैशाली : अंचलाधिकारी ,राजस्व पदाधिकारी, राजस्व कर्मचारी के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से भूमि संबंधी सारे कार्य प्रभावित हो रहे थे. राजस्व कर्मचारी के हड़ताल पर जाने से पंचायत सचिवों को उनका प्रभाव दिया गया था. जिससे प्रारंभिक कार्य हो रहे थे. लेकिन भूमि संबंधी कोई कार्य नहीं हो रहा था. लेकिन पंचायत सचिवों के भी हड़ताल पर जाने से आम जनता के सारे कार्य प्रभावित हो रहे हैं. वहीं प्रखंड के पदाधिकारी यह मानने को तैयार नहीं है कि कार्य प्रभावित हो रहा है. इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी सूर्य प्रताप सिंह से पूछे जाने पर बताया कि कार्य कोई प्रभावित नहीं हुआ है. पंचायत सचिवो के हड़ताल पर जाने से वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी.जिला से निर्देश मिलने के बाद अन्य पंचायत एवं प्रखंड कर्मियों को उनके कार्य का प्रभार दिया जाएगा. वही धरातल पर इन पदाधिकारी कर्मियों के हड़ताल पर जाने से काफी असर पड़ा है. आम जनता के सारे कार्य प्रभावित हो रहे हैं. भूमि विवाद से संबंधित ,म्यूटेशन, परिमार्जन सारा कार्य रुका हुआ है .सरकार भी अपने जिद पर अरि है .एवं पदाधिकारी कर्मियों की मांग पर विचार नहीं कर रही है. दूसरी तरफ आम जनता परेशान है. सरकार लाख दावे कर ले की काम सुचारू रूप से हो रहा है. लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है. प्रखंड एवं अंचल कार्यालय वीरान दिख रहा है. हड़ताल की खबर सुनते ही लोग परेशान है. लेकिन उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है. ऑफिस में जाने पर बाबुओं द्वारा कहा जाता है कि सभी हड़ताल पर है काम कैसे होगा. वही राजस कर्मचारी, पंचायत सचिवों की भी अधिकतर मांगे सही है .एक-एक पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी को चार पांच पंचायत ,हलकों का चार्ज दिया जा रहा है. ऊपर से अन्य कार्य के बोझ भी दिए जाते हैं. जिसे कर पाना मुश्किल है. सरकार काम बढ़ाती है कभी एफार की ड्यूटी, कभी जनगणना की ड्यूटी, कभी चुनाव संबंधी कार्य की ड्यूटी लेकिन नई भर्तियां नहीं करती है . जिससे आम जनता का कार्य बाधित है एवं भारी आक्रोश व्याप्त है.