Meerut News: Smile on the face of the patients after getting blood.
संवाददाता: मनीष गुप्ता
51 वर्षीय मंजू सुभारती हॉस्पिटल में एडमिट है। मंजू की चलती बीमारी के कारण अचानक तबियत बिगड़ती चली गई। परिवार वालों ने तत्काल मंजू को सुभारती हॉस्पिटल में एडमिट कराया। डॉक्टर ने उनका चेकअप किया तो मंजू को बहुत ज्यादा ब्लडिंग हो रही थी। जिसके चलते डॉक्टर ने उनको तत्काल दो यूनिट ए पॉजिटिव ब्लड वह चार यूनिट A+ प्लाज्मा की डिमांड लिखि। मरीज के साथ वाले दूर के रहने वाले हैं। उनकी मदद के लिए कोई नहीं आया। इधर-उधर काफी संपर्क किया परंतु कोई इंतजाम नहीं हो पाया। तभी जीवनदान फाउंडेशन संस्था का नंबर प्राप्त हुआ और सतपाल जीवनदान फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष जी को कॉल मिलाई और पूरी सूचना दी सूचना मिलते ही तत्काल जीवनदान फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष ने मरीज के साथ वालों को पर्चा सैंपल लेकर रीता ब्लड सेंटर बुलाया और वहां से उनको दो यूनिट ए पॉजिटिव ब्लड 4 यूनिट प्लाज्मा दिलाकर सहयोग किया।
50 वर्षीय पुरुष मुकेश पाल बागपत रोड स्थित केएमसी हॉस्पिटल में एडमिट चलती बीमारी के कारण उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो गई थी। डॉक्टर ने चेक किया तो तत्काल परिवार वालों को सूचना दी कि इनको दो यूनिट AB+ पॉजिटिव ब्लड चढ़ाने की आवश्यकता है आप तत्काल इंतजाम करें परिवार वालों ने एक यूनिट का तो खुद ही इंतजाम कर लिया परंतु दूसरी का नही कर पाए तभी उन्होंने इधर-उधर संपर्क किया तो मलियाना के सोनू कुमार जी का नंबर प्राप्त हुआ और उन्होंने उनको पूरी सूचना दी सूचना पाकर सोनू कुमार जी ने परिवार वालों को आश्वासन दिया कि आप का इंतजाम हो जाएगा सोनू कुमार जी ने तत्काल जीवनदान फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष को कॉल की और जानकारी दी जानकारी मिलते ही तत्काल उनको पर्चा सैंपल लेकर रीता ब्लड सेंटर में बुलाया गया और वहां से उनको एक यूनिट एबी पॉजिटिव ब्लड दिलाकर सहयोग किया।
70 वर्षीय दिलीप कुमार आर्यव्रत हॉस्पिटल में एडमिट दिलीप कुमार की काफी दिनों से तबीयत खराब चल रही थी परिवार वालों ने उनको आर्यव्रत हॉस्पिटल में एडमिट कराया डॉक्टर ने चेकअप किया तो पता लगा कि दिलीप कुमार के शरीर में ब्लड की मात्रा बहुत ज्यादा कम हो गई है दिलीप कुमार का ब्लड ग्रुप B-नेगेटिव था परिवार वालों ने सभी जगह किया प्रयास परंतु कोई सफलता ना मिल पाए इधर-उधर संपर्क किया पर असफलता ही असफलता मिल रही थी बहुत ही मुश्किल से संपर्क करने के बाद जीवनदान फाउंडेशन संस्था का नंबर प्राप्त हुआ और परिवार वालों ने कॉल की और मदद की गुहार लगाई जीवनदान फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष जी ने तत्काल उनको आश्वासन दिया और पर्चा सैंपल लेकर रीता ब्लड सेंटर में बुला लिया वहां से उनको दो यूनिट बी नेगेटिव ब्लड दिलाकर सहयोग किया।
23 वर्षीय आरती विनायक हॉस्पिटल में एडमिट आरती को अचानक तबीयत बिगड़ी उनको परिवार वालों ने तत्काल विनायक हॉस्पिटल में कराया एडमिट आरती का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव था आरती के परिवार में कोई ऐसा व्यक्ति ना था जो अपना ब्लड डोनेट कर सके आरती के परिवार वाले भी समय समय पर अपना रक्तदान करते रहते हैं उन्होंने कुछ समय पहले ही अपना रक्तदान किया था टाइम पीरियड पुराना हुआ था तो उन्होंने इधर-उधर संपर्क किया तो उन्हीं के एक साथी ने जीवनदान फाउंडेशन संस्था का नंबर दिया जैसे ही नंबर मिला उन्होंने तत्काल जीवनदान फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष जी को कॉल की और जानकारी दी जानकारी मिलते ही जीवन दान फाउंडेशन संस्था के अध्यक्ष ने उनको पर्चा सैंपल लेकर रीटा ब्लड सेंटर में बुला लिया और वहां से उनको एक यूनिट B+ पॉजिटिव ब्लड दिलाकर सहयोग किया।