Meerut News: Remove poverty, increase the country's dream was shattered.
संवाददाता: मनीष गुप्ता
गरीबों को घर मिलेगा। खाने के लिए अनाज मिलेगा। उच्च शिक्षा मिलेगी। यह दावा किया जाता है। कहा है यह सब। यह सब सुविधा देने के लिए देश में सरकार की तरफ से कोई ना कोई स्कीम चलाई जाती है। लेकिन कहा है यह स्कीम। लोग आज भी सड़क के किनारे झोपड़ पट्टी में रह रहे हैं। वो भी टूटी फूटी है। इन लोगो के पास रहने के लिए सही झोपड़ पट्टी भी नहीं है। खाने को खाना नही है। पहने को कपड़ा नहीं है। बच्चो शिक्षा दिलाने के लिए पैसे नहीं है। तो कैसे दूर होगी गरीबी। सरकार गरीबों के लिए मकान तो बनाती है। पर सब लोगों को मकान नही मिल पाते है। क्यों
इस बात का पता आज तक नही चल पाया। साथ जब इन गरीबों रहने के लिए मकान नही मिल पाते हैं। तो यह बेचारे कही भी सड़क के किनारे झोपड़ पट्टी बनाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। यह लोग इधर उधर काम करके और इधर उधर मांग कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। लेकिन झोपड़ पट्टी में रहने वाली महिलाओं और बच्चों की जिंदगी सुरक्षित नहीं है। कल अगर कोई घटना हो जाती है। तो इसका जिम्मेदार कोन होगा। इसकी किसी को चिंता नहीं है।