Lucknow News :लखनऊ मिशन शक्ति के तहत 4 छात्राओं ने संभाला मध्याह्न भोजन प्राधिकरण में निदेशक का दायित्व
रिपोर्ट: विजय कुमार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का कौशल और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने के उद्देश्य से बुधवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), काकोरी की चार छात्राओं ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पहुंचकर शीर्ष प्रशासनिक दायित्वों का सांकेतिक निर्वहन किया। इस अवसर पर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें प्रशासनिक व्यवस्थाओं और नीतिगत निर्णयों की बारीकियों से अवगत कराया।
चार छात्राओं ने संभाली निदेशक की कुर्सी
सांकेतिक पदभार ग्रहण कार्यक्रम के तहत केजीबीवी काकोरी की छात्राएं मुस्कान, सरिता, साक्षी और राधिका ने निदेशक की आसंदी संभाली। इस दौरान चारों छात्राओं ने एक कुशल प्रशासक की तरह विभागीय कार्यकलापों की समीक्षा की और विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

छात्राओं ने प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण शासकीय आदेश भी सांकेतिक रूप से जारी किया।
स्कूलों के किचन शेड में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश
छात्राओं द्वारा जारी सांकेतिक आदेश में प्रदेश के सभी परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता के उच्च मानक सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही बच्चों को ताजा, संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन उपलब्ध कराने तथा भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को समय-समय पर स्वच्छता एवं पोषण प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई गई।
छात्राओं ने कहा कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना बच्चों के स्वास्थ्य और बेहतर शैक्षिक वातावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसके लिए रसोई की नियमित साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता की निगरानी और निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

मध्याह्न भोजन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मध्याह्न भोजन योजना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त भोजन तैयार करने, मेन्यू में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने और आधुनिक किचन व्यवस्था का विस्तार करने की आवश्यकता बताई।
इसके अतिरिक्त, छात्राओं ने विद्यालय में किसी बच्चे के अस्वस्थ होने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। उनके सुझावों का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता देना रहा।
निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने की छात्राओं की सराहना
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने चारों छात्राओं के आत्मविश्वास, प्रशासनिक सोच और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों को सशक्त बनाना और उनमें निर्णय लेने, नेतृत्व करने तथा समाज को सकारात्मक दिशा देने की क्षमता विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को कम उम्र से ही इस तरह का व्यावहारिक अनुभव मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने और भविष्य में उच्च पदों पर पहुंचकर जनसेवा करने की प्रेरणा मिलती है।
प्रदेश के विद्यालयों में चलेगा विशेष सफाई अभियान
निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने बताया कि छात्राओं द्वारा स्वच्छता और पोषण के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित कराया जाएगा। इसी क्रम में प्रदेश के विद्यालयों के किचन शेड में विशेष वृहद सफाई अभियान शुरू करने की बात कही गई, ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

यह कार्यक्रम बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से छात्राओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव देने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व, निर्णय क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
निष्कर्ष: मिशन शक्ति अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय काकोरी की चार छात्राओं ने सांकेतिक रूप से निदेशक का दायित्व संभालकर यह संदेश दिया कि अवसर मिलने पर बेटियां भी प्रशासनिक नेतृत्व और जनहित से जुड़े निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।