प्रयागराज: आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम नाराज
रिपोर्ट: विजय कुमार
प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक की। इस दौरान जनपद स्तर पर 14 अधिकारियों के यहां शिकायतों के निस्तारण से संबंधित खराब फीडबैक का प्रतिशत अधिक पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड तृतीय एवं चतुर्थ तथा प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग; खनन अधिकारी; प्रभागीय वन अधिकारी; अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत सेल; सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन); अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण); सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता; सहायक श्रमायुक्त/श्रम प्रवर्तन अधिकारी; अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम); मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय; अधिशासी अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण से पहले शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया जाए। शिकायतों का समाधान इस प्रकार किया जाए कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले और सकारात्मक फीडबैक में वृद्धि हो।
समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निस्तारण के बाद भी शिकायतों का परीक्षण किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता की संतुष्टि का वास्तविक आकलन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी या किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से हो समाधान
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन विभागों में शिकायतें लंबित हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और पोर्टल पर निर्धारित समय के भीतर आख्या अपलोड की जाए। साथ ही, बार-बार प्राप्त होने वाली शिकायतों के कारणों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि एक ही समस्या को लेकर बार-बार शिकायतें दर्ज न करनी पड़ें।
बैठक में अपर जिलाधिकारीगण, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारीगण, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।