मनोज कुमार राजौरिया । 14 सितंबर को एक 19 साल की लड़की से गैंगरेप हुआ। गैंगरेप उस लड़की के साथ ही नहीं बल्कि उसकी रूह के साथ भी किया गया। हैवानों ने उसके शरीर को ऐसी यातनाएं दीं, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट पड़े। पीड़िता का अस्पताल दर अस्पताल इलाज चलता गया और बीते मंगलवार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।
गैंगरेप मामले को लेकर देश में गुस्सा है. जनता के इस आक्रोश का ही नतीजा है कि बीते दिन उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस मामले की जांच CBI से कराने की सिफारिश भेज दी लेकिन परिवार ने कहा कि उन्होंने CBI जांच की मांग नहीं की।

वह सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच चाहते हैं. दूसरी ओर इस केस की जांच में जुटी SIT अपनी शुरुआती जांच पूरी कर चुकी है। SIT की प्रारंभिक जांच के बाद ही SP समेत कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया। अब आपको बताते हैं विपक्षी पार्टियों ने क्या कहा?
◆ मायावती बोली- डीएम के रहते निष्पक्ष जांच कैसे होगी?
हाथरस मामले में डीएम पर कार्रवाई न होने पर मायावती ने सरकार पर निशाना साधा। मायावती ने ट्वीट किया, “हाथरस गैंगरेप कांड के पीड़ित परिवार ने जिले के डीएम पर धमकाने आदि के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी यूपी सरकार की रहस्मय चुप्पी दुःखद और अति-चिंताजनक। हालांकि सरकार सीबीआई जांच हेतु राजी हुई है, लेकिन उस डीएम के वहां रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है? लोग आशंकित।”
◆ राजा भैया ने भी किया ट्वीट
बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने ट्वीट किया, ‘हम सभी सहमत हैं कि हाथरस काण्ड में स्थानीय प्रशासन ने असंवेदनशीलता बरती, पर आश्चर्य है कि CBI जाँच के निर्णय से कई लोगों के पेट में दर्द शुरू हो गया है। समय के साथ सच्चाई सामने आयेगी, सत्यमेव जयते।’
◆ राहुल प्रियंका ने की शनिवार को मुलाकात
इससे पहले शनिवार को राहुल और प्रियंका समेत 5 कांग्रेस नेताओं ने पीड़िता के गांव जाकर परिवार से मुलाकात की थी। सरकार की तरफ से 5 लोगों के परिवार से मिलने की इजाजत दी गई थी। इससे पहले डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने भी परिवार से बात की थी।
◆ सपा और स्थानीय प्रशासन में हुई झडप
जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीना ने बताया, “आदेशानुसार 5 लोगों की ही इजाजत है, सिर्फ उन्हें ही परिवार से मिलने की इजाजत देंगे, अन्यथा कार्यकताओं को जाने की इजाजत नहीं होगी। और किसी तरह का उपद्रव करने की कोशिश करेंगे तो हम उससे निपटने के लिए तैयार हैं। ” वहीं सपा नेता धमेंद्र यादव ने कहा कि परिवार बहुत असन्तुष्ट है बहुत दर्द में है और बहुत परेशानी में है। एक तो उनके परिवार की बेटी चली गई है वहीं प्रशासन द्वारा जितना अत्यचार होना था वो हुआ, बेटी के इलाज में लापरवाही हुई, बेटी की पोस्टमार्टम में देरी हुई।
◆ भीम आर्मी प्रमुख को रोका गया
वहीं पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रहे भीम आर्मी नेता चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया और उन्हें आगे नहीं जाने दिया। उन्हें अलीगढ़ से हाथरस के बीच रोका गया।
◆ परिवार का बयान दर्ज कर रही एसआईटी
एसआईटी की टीम पीड़िता के घर पहुंच चुकी है। पीड़िता के परिवार का बयान दर्ज किया जा रहा है। इससे पहले एसआईटी की टीम शनिवार को पीड़िता के पिता का बयान दर्ज करने के लिए पहुंची थी। एसआईटी को पीड़िता के पिता का बयान लेना था, लेकिन पीड़िता के पिता बयान देने की हालत में नहीं थे।
◆ अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट क्या कहती है
हाथरस मामले में पुलिस ने गैंगरेप की बात से इनकार किया है लेकिन अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट इस बारे में कुछ और ही कह रही है। पीड़िता की मेडिको लीगल इंवेस्टिगेशन (एमएलसी) की रिपोर्ट ने मरीज के बयान के आधार पर ‘वैजाइना में पेनिट्रेशन’ और ‘ताकत के इस्तेमाल’ के बारे में लिखा है। बता दें कि पीड़िता दो हफ्ते तक अलीगढ़ में ही भर्ती थी।
मामले ने अब जातीय संघर्ष का भी रूप ले लिया है। गांव के बाहर विवाद जैसी स्थिति पैदा हो गई है, एक तरफ सवर्ण समाज के लोग आरोपियों को रिहा करो के नारे और जांच की मांग कर रहे थे, वहीं 200 मीटर के दायरे में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी नारे लगाते नजर आए।