Etawah News: योगी सरकार का कोरोना राहत पैकेज ऊंट के मुँह में जीरा: इकरार अहमद

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संवाददाता – महेश कुमार
इटावा: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना काल में रेहड़ी दुकानदारों, फुटकर व पटरी कारोबारियों के अलावा दिहाड़ी मजदूरों को एक हजार रुपये प्रति माह व राशन उपलब्ध कराने के फैसले को लेकर राजनीतिक आरोप -प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष ने राहत को नाकाफी बताते हुए विशेष आर्थिक पैकेज मांगा है। वहीं भाजपा समर्थकों ने सरकार के फैसले की सराहना की है।

आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष इकरार अहमद ने कहा कि इस समय दुनिया भर में कोरोना महामारी चल रही है देश और प्रदेश में भी बीमारी अपने चरम पर है, लॉकडाउन के कारण लोग अपने- अपने घरों पर हैं और अधिकतर घरों में परिवार का कोई न कोई सदस्य बीमारी से ग्रस्त है और तमाम परिवारों ने अपने परिवार के किसी न किसी सदस्य को खो दिया है। बहुत ही संकट का समय है।

जिला उपाध्यक्ष इक़रार अहमद ने प्रदेश सरकार से माँग करते हुऐ कहा कि पंजीकृत पटरी दुकानदारों, रेहड़ी ठेला, खोमचे वालों,रिक्शा चालकों को आर्थिक सहायता के रूप में ₹1000 देने का निर्णय लिया है जो नाकाफी है, यह मदद ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

इसी क्रम में जिला उपाध्यक्ष इक़रार अहमद ने प्रदेश सरकार से माँग की-

◆ परिवार के पोषण के लिए आर्थिक सहायता कम से कम ₹6000 प्रति माह 3 माह तक दी जाए।

◆ जो पटरी दुकानदार, खोमचे वाले, हो खोखा वाले,रिक्शा चालक अपंजीकृत हैं, उनको भी परिवार चलाने के लिए मदद मिले।

◆ कोरोना काल में जिन लोगों की नौकरी छूट गई सरकार उन्हें परिवार के पालन -पोषण के लिए बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध कराया जाये।

◆ जिन व्यापारियों की दुकानें बंद हैं उन्हें सालाना इनकम के आधार पर मुआवजा दिया जाए।

◆ व्यापारियों की बंद दुकानों की जिम्मेदारी सरकार की हो, जबसे लॉकडाउन लगा है और जब तक रहे सरकार सभी दुकानों का बीमा माने। चोरी,लूट-पाट,आगजनी की स्थिति में मुआवजा उपलब्ध कराया जाये।

◆ बंद दुकानों का बिजली का बिल माफ किया जाए।

◆ सभी प्राथमिक विद्यालयों में वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाएं जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अधिक दूर ना जाना पड़े।

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