Etawah News: Seeing a 12 feet long python, there was a stir, snake friend did the rescue
आशीष कुमार
इटावा/ जसवंतनगर: गांव डुडहा में शिकार के उद्देश्य से घनी मूंज के नीचे घात लगाये बैठे 12 फीट लम्बे व लगभग 35 से 40 किलो वजनी अजगर को खेत में वहाँ कार्य कर रहे ग्रामीणों ने देख लिया और देखते देखते सैकडों ग्रामीण इकठ्ठे हो गये जो कि उसे मार देना चाहते थे । तब स्थानीय निवासी अनुज शाक्य ने पत्रकारों के माध्यम से पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिये कार्य कर रही संस्था ओशन के महासचिव एवं वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ अशीष त्रिपाठी को खेत पर बैठे अजगर के दिखाई देने की सूचना दी।
सूचना मिलते ही डॉ आशीष त्रिपाठी तुरंत ही 20 मिनट में मौके पर पहुँचे और उस अजगर को मात्र 10 मिनट में काबू में कर सुरक्षित रेस्क्यू कर ग्रामीणों की सहायता से पकड़ लिया। मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के यूपी कोर्डिनेटर सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने जानकारी देते हुये बताया कि यह 12 फीट लम्बा एवं 30 से 35 किलो वजनी अजगर पायथन मोलूरस प्रजाति का था । वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत य़ह एक संरक्षित प्राणी भी घोषित है इसमे कोई भी जहर ही नहीं होता है। इसे मारने या नुकसान पहुंचाने पर सजा और जुर्माने दौनों का प्रावधान है।
रेसक्यू के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृत वास में बिना किसी नुकसान पहुंचाये ही प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी इटावा अतुलकांत शुक्ला के निर्देशन में वन्यजीव विभाग चंबल सेंचुरी के अधिकारियो के सुपुर्द कर वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ा दिया गया। खेत पर काम कर रही बच्ची जूली ने बताया कि इतना बड़ा अजगर देखकर हम सभी बच्चे बेहद ही घबरा गये थे। इसके रेस्क्यू हो जाने से हमे बड़ी ही राहत मिली है। हम जनपद के सर्पमित्र डॉ आशीष का विशेष आभार प्रकट करते है एवं हमारा सौभाग्य है कि जनपद इटावा में डॉ आशीष त्रिपाठी जैसे प्रशिक्षित वन्यजीव विशेषज्ञ हम सबके बीच मौजूद है। अब हमें अजगर से बिल्कुल भी ड़र नही लग रहा है।

