संवाददाता: मनोज कुमार
जसवंतनगर/इटावा: सावन के पहले सोमवार को नगर में स्थित शिवालयों में बम बम भोले, हर हर मदेव की गूंज गूंजी और श्रद्धालुओं द्वारा रुद्राभिषेक व जलाभिषेक किया गया। वहीं कोरोना संकट के चलते ज्यादातर लोगों ने घर पर ही भगवान शिव की विधि विधान से पूजा की।
हिंदू धर्म में सावन मास के साथ ही सोमवार का भी विशेष महत्व होता है। इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। नगर में डेढ़ दर्जन से ज्यादा शिव मंदिर हैं जिनमे सुबह से ही श्रद्धालु बेल पत्र, पुष्प धतूरा, दुग्ध चढ़ाने पहुंचने लगे थे और कर्पूर गौरम करुणावतारं की गूंज के बीच पूजा अर्चना होने लगी थी। व्रत धारी शिव भक्त नगर के प्रमुख मंदिरों, रामेश्वरम मंदिर, नागेश्वर मंदिर कैस्थ में तो सुबह 5 बजे ही पूजा करते देखे गए।
अन्य शिव मंदिरों रेलवे फाटक शिवालय, रामसीता मंदिर रेलमंडी, तालाब मंदिर शिवालय, पड़ाव मंडी शिवालय, नागेश्वसर मंदिर कोठी कैस्थ, रामेश्वरम शिव मंदिर, थाना शिव मंदिर, गुलाब बाड़ी शिवालय, रामसीता मंदिर कटरा पुख्ता, चूड़ामन मंदिर, शाला अहीर टोला शिवालय, ब्रह्मदेव भूत प्रेत मंदिर अहीर टोला, फूलमती शिवमंदिर, केवल मठ, बिलैया मठ, नूनहाई शिवमंदिर, अमरनाथ शिव मंदिर लुधपुरा, ओम शांति शिव विश्वविद्यालय मंदिर में भीड़ दोपहर तक पूजा अर्चना करने वालों की जुटी थी। सर्वाधिक भीड़ बिलैया मठ, रामेश्वरम मंदिर, तालाब शिव मंदिर पर देखी गयी। पड़ाव मंडी के शिव मंदिर पर भगवान भोलेनाथ का फूलों का श्रृंगार भक्तों ने किया।