संवाददाता: मनोज कुमार
जसवंतनगर/इटावा। बीती रात 33 हजार वोल्टेज लाइन की केबल खराब हो जाने और अधिकारियों की लापरवाही के चलते आधा दर्जन फीडरों से जुड़े सैकड़ा भर गांव अंधेरे में डूबे रहे।बारिश की गिरी चंद बूंदों ने बिजली विभाग की पोल खोल कर रख दी।
बताया गया है कि स्पेयर में पड़ी 33 हजार वोल्टेज की दूसरी केबल जब खराब लाइन बदलने के लिए देखी गई तो वह पहले से ही खराब थी। ऐसे में विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के पास एक दूसरे का मुंह ताकने के अलावा कोई काम नहीं था। लगातार हो रही लाइनों में खराबी के बावजूद विभागीय अधिकारी कर्मचारी इतने लापरवाह थे कि लंबे अरसे से पड़ी स्पेयर लाइन खराब होने के बावजूद पहले से कोई व्यवस्था नहीं कर रखी थी। बीती रात 11 बजे के आसपास जैसे ही नगर मुख्यालय स्थित बिजली फीडर पर 33 हजार वोल्टेज की लाइन खराब हुई तो नहर पट्टी की ओर बलरई, तिजौरा, सिरसा आदि फीडरों से जुड़े करीब सैकड़ा भर गांव अंधेरे में डूब गए। इधर हल्की बूंदाबांदी लोगों को उमस से परेशान कर रही थी तो दूसरी ओर बिजली चले जाने से रात भर मच्छरों ने चैन से नहीं सोने दिया।

इस संबंध में विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को फोन लगाए गए तो किसी ने बात नहीं की ज्यादातर मोबाइल स्विच ऑफ थे और सुबह होने पर केबल खराब होने का रोना रोए। विदित हो कि कुछ दिन पूर्व ऊर्जा मंत्री से हुई तमाम शिकायतों के फलस्वरूप कुछ स्थानांतरण भी किए गए इसके बावजूद भी यहां बिजली विभाग में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। यदि स्पेयर में पड़ी हुई दूसरी केबल सही होती तो उमस भरी गर्मी में सैकड़ों गांव अंधेरे में नहीं डूबते। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या जानवरों के लिए पीने के पानी की रहती है जिसके लिए जानवरों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। एक और जनता तो बिजली न आने से परेशान थी तो दूसरी ओर विभागीय अधिकारी चैन की नींद सो रहे थे। क्षेत्रीय जनता द्वारा उच्चाधिकारियों से बेलगाम बिजली अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।