Etawah News: Zero in the name of maintenance of electricity department, will defy the guidelines of the government
संवाददाता: आशीष कुमार
इटावा: विकास खण्ड जसवंतनगर अन्तर्गत 33/11 ग्रामीण फीडर को बिजली सप्लाई करने वाली केबल पिछले कई दिनों से आए दिन ब्लास्ट हो जाती है और केवल बक्सा फट जाता है बिजली विभाग में मेंटेनेंस के नाम पर जीरो कार्य हो रहा है जबकि शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार ग्राहक को ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति होनी चाहिए लेकिन देखने में आ रहा है सर्दियों के दिनों में भी बिजली आपूर्ति 10 से 12 घंटे हो पा रही है क्षेत्र में कई फीडर तो ऐसे जिन पर यदि किसानों के नलकूपों को सप्लाई दी जानी है तो ग्रामीण अंचल की बिजली आपूर्ति पूर्णतया बंद कर दी जाती है।
अधिकारियों का कहना है ओवरलोड रहने के कारण हम लोगों को ऐसा करना पड़ता है जबकि लाइनों के मेंटेनेंस के लिए शासन से धनराशि भी आती होगी तो क्या मेंटेनेंस सिर्फ कागजों पर होता है हाईवे के किनारे स्थित ग्रामीण फीडर से सैकड़ों गांव और कई फीडरो के लिए 33 हजार वोल्टेज की बिजली आपूर्ति की जाती है लेकिन पिछले 1 सप्ताह के अंदर लगभग 5 से 6 बार केवल बक्से फट चुके हैं 3 फीडरों, बलरई, जुगोरा, सिरसा बीबामऊ के लिए रायनगर से33kv की लाइने पिछले चार साल पहले वनकर तैयार हो गईं थीं लोड के कारण लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते चार साल में 33kv विजली लाइनों को चालू नहीं करा पाए हैं।
यदि इन तीनों फीडरों के लिए वनाई गई लाइन चालू हो जाय तो लोड की भी समस्या खत्म हो जाय आये दिन ब्लास्ट होकर फटने वाले केविल बक्सों से भी निजात मिल जाये और उपभोक्ताओं को विजली आपूर्ति भी निर्वाध मिले। लगता है दोबारा से जब केविल बक्सा भरा जाता है तो वह हल्की क्वालिटी का होगा या कम क्षमता का है जो इतनी जल्दी ब्लास्ट होकर फट जाता है।