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Etawah News: नहर विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्रीय लोगों ने कुछ लाख रुपए चंदा इकट्ठा कर इस सप्तधारा कुंड के पुल की बाउंड्री वाल का जीर्णोद्धार कराया।

आशीष कुमार

जसवंतनगर। बीहड़ी क्षेत्र में खारजा झाल पर बने पुल की टूटी बाउंड्री वॉल से होने वाले हादसों को रोकने के लिए नहर विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाते थक चुके क्षेत्रीय ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया है। विवरण के अनुसार बलरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुजरने वाली भोगनीपुर गंग नहर से निकली खारजा झाल पर स्थित सप्तधारा कुंड के ऊपर काफी पुराना पुल बना हुआ है जिसकी बाउंड्री वॉल कई साल पहले टूट गई थी जिसकी शिकायत कई बार तहसील दिवस में एसडीएम व नहर विभाग के कार्यालय में क्षेत्रीय लोगों द्वारा की गई थी लेकिन नहर विभाग की लापरवाही के चलते इस पुल की बाउंड्रीवॉल का मरम्मत कार्य अब तक नहीं कराया गया था जिससे आएदिन बाइक, ट्रैक्टर व साइकिल सवार झाल में गिरकर काल के गाल में समा चुके हैं लेकिन नहर विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी।
विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते क्षेत्रीय लोगों ने कुछ लाख रुपए चंदा इकट्ठा कर इस सप्तधारा कुंड के पुल की बाउंड्री वाल का जीर्णोद्धार कराया है। लोहे के पाइप को लगाकर बेरीकेडिंग करा दी गई है ताकि भविष्य में कोई हादसे न हों। इस पुल से होकर दर्जनों गांव के लिए रास्ता है इसी पुल से होकर ब्रह्माणी मंदिर पर लगने वाले लक्खी मेले में लाखों यात्री मां ब्रह्माणी देवी के दर्शन करने के लिए लेटकर साइकिल व मोटरसाइकिल से ट्रैक्टर बसों ट्रकों आदि से साल में तीन बार मेले में आते जाते हैं। इस दौरान खारजा झाल में कई बार दर्शनार्थी गिरकर चोटिल भी हुए हैं जबकि कुछ काल के गाल में समाए हैं।
इसी पुल से होकर नगला तौर, सरामई, कछपुरा, लुंगे की मड़ैयां, घुरहा, जाखन, फकीरे की मड़ैयां और पीहरपुर गांव से होते हुए आगरा जिले के सैकड़ों गांव जुड़े हैं इसके अलावा बाह पिनाहट व फतेहाबाद तहसील से होते हुए आगरा शहर के लिए भी लोगों का आना जाना रहता है। इसलिए ग्रामीणों की कोशिश थी कि किसी तरह नहर विभाग के अधिकारी इस बाउंड्री वॉल की मरम्मत करा दें लेकिन कई सालों से लगातार अधिकारियों के चक्कर काटते थक हार चुके लोगों ने आखिर में आपसी चंदे का ही फैसला किया और बाउंड्री वाल बेहतर तरीके से बनवा ली।
उप जिलाधिकारी ज्योत्सना बंधु से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार मौके पर जाकर मुआयना भी किया है और नहर विभाग को रिपोर्ट भी भेजी थी लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते यह कार्य ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करा लिया जो अत्यंत प्रशंसनीय है।