संवाददाता: मनोज कुमार
जसवंतनगर/इटावा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गींजा गांव में कुछ दिन पूर्व हुई आंगनवाडी कार्यकत्री की मौत पर उनके घर जाकर शोक संवेदना प्रकट की तथा परिजनों को नियमानुसार मदद का आश्वासन दिया। सैफई से कुछ दूर गीजा गांव पहुंचे मुख्यमंत्री के काफिले से पहले सैफई से लेकर गांव तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई थी। मुख्यमंत्री वहां लगभग 7 मिनट रहे। इस दौरान गीजा ग्राम पंचायत के नगला सूरजमल में तैनात गींजा की आंगनवाड़ी कार्यकत्री ममता देवी के कोरोना संक्रमण से हुए कुछ दिन पहले निधन पर उनके दरवाजे पहुंचे और मृतका के पति राजेश बाबू राठौर व पुत्री लक्ष्मी राठौर से से बातचीत कर कोरोना से बचाव जारी रखने की अपील की।
विदित हो कि गींजा गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री ममता देवी पत्नी राजेश बाबू राठौर कोविड संक्रमित हो होकर काल के गाल में समा गई थी।

तबीयत बिगड़ने पर 4 तारीख को उन्हें सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोविड टेस्ट कराया गया था जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी कुछ दिनों बाद जब ज्यादा परेशानी हुई तो सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती करा दिया था जहां 15 मई को उनकी मौत हो गई थी। उनकी 20 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी राठौर जो बीएससी करने के बाद नीट की तैयारी कर रही है उसे मुख्यमंत्री ने मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। दो पुत्र आदित्य व आकाश 15 वर्ष 17 साल के हैं जो क्रमशः इंटरमीडिएट व 11वीं में पढ़ रहे हैं।
मृतका के पति राजेश बाबू राठौर का कहना है कि 10 तारीख को कराए गए टेस्ट में उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी किंतु 2 दिन पूर्व कराए टेस्ट में रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अन्य परिजनों की रिपोर्ट पहले से ही निगेटिव थी। गांव में भी लगभग आधा दर्जन लोग कोरोना संक्रमित बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को वह अपना प्रार्थना पत्र देना चाहते थे किंतु मुख्यमंत्री ने उनकी बात को मौखिक ही सुन लिया है।