Etawah News: Checkered snake was hiding behind the bedroom door, rescue done safely
संवाददाता दिलीप कुमार
इटावा: थाना सिविल लाइन के अन्तर्गत शिवा कॉलोनी निवासी संतोष त्रिवेदी के मकान में दरवाजे के पीछे एक 3 फ़ीट लम्बा चेकर्ड साँप जाकर छिप गया था जो कि सम्भवतः मेढक या चूहा खाने के लिये वहाँ आया था । उक्त सर्प के दिखाई देने की सूचना वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी को फोन पर विशेष त्रिवेदी मिली । सूचना मिलते ही डॉ आशीष तत्काल ही अपने विशेष उपकरणों के साथ 5 मिनट में ही मौके पर पहुंचे और तुरंत ही दो मिनट मे उस चेकर्ड सर्प को बिना किसी नुकसान पहुंचाए ही प्राकृतवास में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, यह सर्प काफी देर से दरवाजे के पीछे ही छुपा बैठा था। जिसे देखकर घरवाले बेहद ही डरे हुये थे लेकिन उन्होंने उस सर्प को घर के किसी भी सदस्य को मारने नहीं दिया औऱ सर्पमित्र डॉ आशीष को सूचना दी। विदित हो कि, राष्ट्रीय स्तर पर संचालित मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया अभियान के यूपी कोर्डिनेटर व जनपद इटावा के ऑफियोलॉजिस्ट सर्पमित्र डॉ आशीष ने वहाँ उपस्थित सदस्यों को विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि, इस चैकर्ड सर्प में किसी भी प्रकार का कोई जहर नही होता है एवं इस विषहीन सर्प से किसी को कोई नुकसान भी नही होता है।
विकास के आरम्भ काल से ही धरती पर मौजूद ये शीत रक्त वाले प्राणी सर्प व अन्य सभी सरीसृप इस समय के सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से बेहद ही लाचार हो रहे है और ठीक से सतह पर रेंग भी नही पाते है इनके शरीर का रक्त सर्दी में जमने लगता है फिर कभी धूप निकलने पर ही ये पुनः सक्रिय हो पाते है इसलिये निवेदन है कि, कृपया वेवजह ही कभी दिखाई देने पर इन बेजुबानो की हत्या बिल्कुल भी न करें क्यों कि,सभी सर्प जहरीले नहीं होते है। फिर भी जनपद में किसी भी अन्य प्रकार के जहरीले सर्प जैसे कोबरा, करैत,रसल के दंश से पीड़ित होने पर किसी भी व्यक्ति को सही उपचार न मिलने पर उसकी असमय मृत्यु भी हो सकती है चूंकि, पिछले वर्ष ही हमारे जनपद में जहरीले सर्प कोबरा व करैत की बाइट से दो से तीन लोगो की मौत भी हो चुकी है अतः इस समय सर्दी के मौसम में भी जब इस समय लगभग सभी सर्प हाइबरनेशन प्रक्रिया में है तब इनका दिखाई देना अचंभित सा करता है । फिर भी रात्रि में या कहीं भी खासकर अंधेरे में जाते वक्त बेहद ही सावधान रहने की आवश्यकता है।