Etawah News: Anna cow dynasty is destroying crops, Annadata sad
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Etawah News: अन्ना गोवंश तबाह कर रहे फसलें, अन्नदाता दुखी

आशीष कुमार

इटावा ,जसवंतनगर क्षेत्र में तमाम गौशालाएं बनीं होने के बावजूद भी अन्ना गौवंश फसलों को उजाड़़ रहे हैं। बड़े पैमाने पर नुकसान से नुकसान से किसान बुरी तरह परेशान हैं। देर शाम संवाददाता ने बलरई क्षेत्र में देखा कि सैकड़ों की तादात में अन्ना गौवंश गेहूं की फसल को चट करने में लगे हुए थे। भारत का भाग्य विधाता किसान फसलों को तैयार करने के लिए दिन रात रखवाली करने में गुजार देता है लेकिन जरा सी निगाह चूक जाने पर सैकड़ों की संख्या में घूम रहे अन्ना गोवंश पलक झपकते ही फसलों को चट कर जाते हैं। किसानों को फसल बोने से लेकर पैदावार तक कहीं मौसम की मार कहीं रजवाहों में पानी ना होने के कारण कभी विद्युत आपूर्ति न मिलने के कारण सिंचाई के अभाव में हजारों हेक्टेयर जमीन की फसल सूख जाती है या नष्ट हो जाती है। जैसे तैसे इन सभी आपदाओं से किसान फसल को बचा लेता है तो छुट्टा घूम रहे अन्ना गोवंश फसलों को चट करने नहीं चूकते हैं। आखिरकार किसान भी हाड मास का बना हुआ एक इंसान है कितने दिनों तक वह दिन रात जागकर अपनी फसलों को बचाएगा।

कई ग्राम पंचायतों में गौशाला निर्माण कार्य में खूब घपला किया गया था। प्रधान व पंचायत सचिवों के बारे के न्यारे हुए थे लेकिन कागजों में बेहतरीन दर्शाई गई गौशालाओं की जमीनी हकीकत देखी जाए तो सिर्फ पाइप लगाकर टीन की चद्दर डलवाई गईं। तमाम गौशालाओं में गायों को नहीं रखा जा रहा है जिससे किसानों की फसलों को अन्ना गोवंश बर्बाद कर रहे हैं। बलरई क्षेत्र में नगला तौर नगला सलहदी दोंदुआ गोपालपुर बलरई नगला रामसुंदर में गौशालाओं का निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद इस क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में अन्ना गोवंश घूम रहे हैं जो किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं। अन्ना गोवंशों के आतंक के आगे अन्नदाता बेबस हैं। फसल बचाने के लिए कोई जुगाड़ काम नहीं आ रही है। इससे उन्हें रात खेत में गुजारनी पड़ रही है। दिन में फसल से किसान की नजर हटते ही अन्ना गोवंश फसल को तबाह कर देते हैं।

अन्नदाताओं की फसल को गोवंशों से बचाने के लिए भले ही उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन समस्या जस की तस है। तहसील क्षेत्र में गोवंशों के आतंक से अन्नदाता परेशान हैं। अपनी फसल को गौवंशों से बचाने के लिए किसान लाठी लेकर रात दिन खेतों में ही रहने को मजबूर हैं। गोवंशों का झुंड जिस खेत में पहुंच जाता है वहां पूरी फसल साफ हो जाती है। इन दिनों गेहूं, चना, मसूर, जौ, मटर, सरसों, आदि की फसल खेतों में है। इन्हीं फसलों से ही किसानों को पूरे साल पेट पालने का इंतजाम करना होता है। खून पसीने से तैयार हो रही इन फसलों पर गौवंश पानी फेर रहे हैं।  ग्राम प्रधानों व सचिवों की मनमानी के चलते गौशालाओं में गौवंश नहीं पहुंचाए जा रहे हैं। इससे गौवंश किसानों की फसलें उजाड़ रहे हैं। अन्ना गौवंशों को पकड़ने के लिए तहसील प्रशासन कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है। न ही इनको पकड़वाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अपनी फसल को बचने के लिए रात दिन खेतों में ही रहकर रखवाली करनी पड़ रही है। वो कड़ाके की सर्दी में भी रात भर ठिठुरने को मजबूर हैं।