आजमगढ़ समाचार : देवारा हरखपुरा दलित बस्ती पेयजल संकट, हैंडपंप महीनों से ठप

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संवाददाता : पंकज कुमार
स्थान : महाराजगंज, जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश)
दिनांक : 17 मार्च 2026

आजमगढ़ । देवारा हरखपुरा दलित बस्ती पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जहां दो इंडिया मार्का हैंडपंप कई महीनों से खराब पड़े हैं। ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

देवारा हरखपुरा में खराब हैंडपंप और पानी संकट

देवारा हरखपुरा दलित बस्ती पेयजल संकट का मामला आजमगढ़ जिले के विकास खंड महाराजगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत देवारा हरखपुरा से सामने आया है। यहां अनुसूचित जाति बस्ती में स्थापित दो इंडिया मार्का हैंडपंप कई महीनों से पूरी तरह निष्क्रिय पड़े हैं, जिससे बस्ती में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।

ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं होने के कारण दूषित, बदबूदार और अस्वास्थ्यकर पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी को भी दर्शाती है।

दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

  • ग्रामीणों के अनुसार- हैंडपंप से निकलने वाला पानी अत्यंत गंदा है
  • पानी में दुर्गंध आती है
  • पीने योग्य नहीं होने के बावजूद उसी का उपयोग करना पड़ रहा है
  • बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है

यह स्थिति ग्रामीणों के जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का सीधा उल्लंघन मानी जा रही है।

रीबोरिंग और मरम्मत नहीं, नियमों की अनदेखी
जानकारी के अनुसार- दोनों हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं

  • अब तक रीबोरिंग नहीं कराई गई
  • हैंडपंप की चौकियां जर्जर हालत में हैं
  • रखरखाव की जिम्मेदारी निभाई नहीं जा रही

नियमानुसार सार्वजनिक पेयजल स्रोतों का रखरखाव संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां यह पूरी तरह उपेक्षित दिख रहा है।

ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

  • ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से लिखित शिकायत की
  • मौखिक रूप से समस्या बताई
  • मरम्मत और रीबोरिंग की मांग की

इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत के साथ जन आंदोलन करने को बाध्य हों

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • दो हैंडपंप कई महीनों से खराब
  • दलित बस्ती में पेयजल संकट गहराया
  • दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
  • रीबोरिंग और मरम्मत नहीं कराई गई
  • प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल

यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को उजागर करता है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है और जनस्वास्थ्य पर बड़ा खतरा बन सकती है।

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