कोरोना : ए और बी ग्रेड अस्पतालों के 50% बेड प्रयोग में ले सकती है यूपी सरकार

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मनोज कुमार राजौरिया ।  उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते क्रिटिकल केयर बेडों की कमी से चिंतित योगी सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी व निजी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि डीएम या सीएमओ के आदेश पर वे अपने 50 फीसदी बेड को कोविड अस्पताल बदलने के लिए बाध्य होंगे।

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इसके साथ सभी ए श्रेणी के बड़े शहरों के सुपर स्पेशियलिटी के निजी अस्पतालों को भी कोविड बेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने केन्द्रीय नीति आयोग के सदस्य विनोद पॉल कमेटी की सिफारिशों के आधार पर पहले निर्धारित की गई दरों के मुताबिक कोरोना संक्रमित मरीजों से रकम वसूलने के भी निर्देश दिए हैं।

इसके तहत ए श्रेणी के लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद के सुपर स्पेशियलिटी निजी अस्पताल आइसोलेशन बेड के लिए प्रतिदिन 10 हजार, आईसीयू बेड के लिए 15 हजार और वेंटीलेटर युक्त आईसीयू बेड के लिए 18 हजार रुपए प्रतिदिन ले सकेंगे।

बी श्रेणी के शहर मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, सहारनपुर, मथुरा, रामपुर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर और फर्रुखाबाद हैं। यहां के सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल ए श्रेणी के निजी अस्पतालों का 80 फीसदी और बाकी बचे सी श्रेणी के जिले 60 फीसदी की दर से मरीजों से शुल्क वसूलेंगे।

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