बुद्धम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि l

Special issue on Buddha Purnima: Raj Kumar Siddhartha's becoming Mahatma Buddha is not easy
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लेख़क- डॉ धर्मेंद्र कुमार

बुद्ध ने समस्त मानव जाति को बुद्धि के प्रयोग से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को निरंतर जीवन में उतारने की प्रेरणा दी l उन्हें दुख, दुख के कारण, दुख के निवारण के लिए पंचशील सिद्धांत प्रदान किया l बुद्ध ने अपनी शिक्षाओं में सर्वाधिक बल दिया कि झूठ बोलना व्यक्ति के लिए सर्वाधिक घातक है l कच्ची पक्की शराब तथा मांस खाना भी व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं हैl

धम्म चक्र प्रवर्तन मैं सील धारण करने वाले व्यक्ति धम्म की ओर प्रस्थान करें l साथ ही संघ को मजबूती प्रदान करें l

किंतु वर्तमान में शुद्ध झूठ तथा तमाम व्यसनों से ग्रसित लोग ,संघात्मक शक्ति को पूर्णतया क्षीण करने वाले, शराब मांस खाकर चीवर धारण कर बहुतेरे बुद्धम नमामि, धम्मम नमामि ,संघम नमामि करते नजर आएंगे l

उन्होंने बुद्ध को भगवान बना दिया जिसका डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने अपने विचारों में स्पष्ट किया था कि मैंने बुध को भगवान नहीं मानकर आत्मसात किया है l मेरे बुद्ध धर्म को अंगीकार करने का कारण सिर्फ बुद्ध में सामाजिक समानता का दर्शन तथा जीवन को बेहतर बनाने का दर्शन है l

वर्तमान में कुछ एक राजनीतिक दल अपने स्वार्थ सिद्धि हेतु बुद्ध को भगवान बना कर राजनीतिक लाभ अर्जित करने का कुत्सित षड्यंत्र कर रहे हैं l बुद्ध की शिक्षाओं से उनका कुछ भी लेना देना नहीं है l बुध के दर्शन से उनका दूर-दूर तक संबंध नहीं है l
आओ हम सब स्वस्थ मन से बुद्ध की शिक्षाओं और बुद्ध के दर्शन को अंगीकार कर, जीवन को मधुर बना कर धम्म, संघ को मजबूती प्रदान करें l बुद्ध का अनुकरण करें l
बुद्ध जयंती पर आप सभी को शुभकामनाएं

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