Bihar News: ब्रज मोहन दास महाविद्यालय, दयालपुर में 59वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
दयालपुर, वैशाली।
ब्रज मोहन दास महाविद्यालय, दयालपुर में सोमवार को महाविद्यालय का 59वां स्थापना दिवस श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के संस्थापक ब्रज मोहन दास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

स्थापना दिवस के अवसर पर प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित की अध्यक्षता में इतिहास विभाग द्वारा “अगस्त क्रांति में वैशाली के स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन हाजीपुर के विधायक अवधेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नागेश्वर कुमार ने किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक अवधेश कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि अवधेश कुमार सिंह, मुख्य वक्ता डॉ. रेणु कुमारी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलसचिव डॉ. नारायण दास सहित अनेक शिक्षाविद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का शॉल एवं स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मान किया गया।
महाविद्यालय की छात्राओं मेघा कुमारी एवं रौशनी कुमारी ने महाविद्यालय का कुलगीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर इतिहास विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक “इतिहास लेखन: सिद्धांत, प्रविधि और शोध” का भी विमोचन किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. रेणु कुमारी ने कहा कि जब देश स्वतंत्रता संग्राम लड़ रहा था, तब वैशाली भी इस आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र था। उन्होंने कहा कि महेश प्रसाद सिंह, भुल्लर ठाकुर, अक्षयवट राय, बसावन सिंह और जयनंदन झा जैसे अनेक क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। वैशाली के गांव-गांव से आजादी का बिगुल फूंका गया और अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी।
डॉ. नारायण दास ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में वैशाली के साथ-साथ यहां की महिलाओं का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है, जिसे इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा।
विधायक अवधेश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली है और देश को आजादी अनेक वीरों के बलिदान से मिली है। उन्होंने छात्रों से शॉर्टकट का रास्ता न अपनाने, ईमानदारी से जीवन में आगे बढ़ने तथा आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने कहा कि महाविद्यालय वह संस्था है, जहां से देश का भविष्य तैयार होता है। ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के उद्देश्य से स्थापित यह महाविद्यालय आज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देता है, वह समाज के लिए सदैव पूजनीय रहता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलने और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि अवधेश कुमार सिंह, प्रो. नवल किशोर शर्मा, प्रो. श्याम रंजन प्रसाद सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कमलेश कुमार ने किया। समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।