संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
वैशाली/जंदाहा मे पुजा सिह SI के पद पर थी।हंसमुख,जिदादिल बिहार पुलिस के 2018बैच की जाबांज,होनहार दारोगा पुजा सिह अपने साथ हूएं सितम को अपने मुस्कान के साथ समेटे अपने परिजनो और बैचमेट को कह गई आखिरी सलाम।और छोड़ गई वैशाली पुलिस के वास्ते आपनी कई सवाल। 
वैशाली के हाजीपुर स्थित पुलिस लाईन मे वैशाली के मुख्यालय Dyspदेवेन्द्र प्रसाद,सदर SDPO राघव दयाल,महुआ SDpo पुनम केसरी व सदर अनुमंडल के सभी थानाध्यक्षों ने गार्ड आंफ आंनर के बाद दिवंगत SIपुजा सिह के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।लेकिन इस दौरान सभी के आंखे नम हो गई।मृत्यु के बाद भी जिला के प्रभारी पुलिस कप्तान (SP)अपने अधीनस्थ को आखिरी बिदाई,सलाम तक कहने को उपस्थित नहीं हूएं।अचानक चीर निद्रा मे सोने जाने वाली पुजा सिह को नियमो के अनूकुल राष्ट्रीय ध्वज समर्पित करने को बैचमेट SIमोनी कुमारी हाथो मे तिरंगा लिए आगे तो बढी लेकिन अपने दिवंगत साथी को तिरंगा नही दे पाई।आजाद भारत मे यह वर्णित है कि राष्ट्र के प्रति अपनी समर्पण के दौरान दिवंगत होने पर देश के किसी भी फोर्स सेवा मे शामिल वालो को सम्मान तिरंगा से विदाई देते हूए उक्त राष्ट्रीय ध्वज उनके परिजनों को सम्मेलन समर्पित किया जाता रहा है।SO पूजा सिह के बैचमेट बथातै है कि उनकी बैचमेट 7 माह की प्रेंग्नेंट थी, बाबजूद जंदाहा थानाध्यक्ष उसके छुट्टी के आवेदन को यह कहकर अग्रसारित नहीं करते थे।उन्होंने कहते थे कि पहले अपने पास कि सभी के स काटो तभी छुट्टी कि आवेदन अग्रसारित करेगे।

फाइल फोटो पूजा सिंह
उस तरह 7 माह के अजन्मे बच्चे की मां SI पूजा सिह को मानसिक रूप से टार्चर किया जाति था।वही दिवंगत पूजा को 7 माह के अजन्मे बच्चे के साथ वर्दी पहनने मे असहज महसुस होने पर उसे सादे विवाह मे रात्री गस्ती (रात 10बजे से सुवह 6बजे तक विधि व्यवस्था /थाना क्षेत्र मे गस्ती की डियूटी सौपी जाती थी।पुलिस सूत्रों का दावा है कि जंदाहा थाना के पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष विश्व नाथ राम ने उसके छुट्टी के आवेदन को विगत दस दिनो तक वरीय पदाधिकारियों के पास अग्रसारित नही किया।इस तरह के रवैया पुलिस विभाग के टार्चर के कारण जाबांज दारोगा SI पूजा सिह असमय कर्तव्यनिष्ठ के दौरान विभाग के लापरवाही से असमय अपने परिजनो व शुभचिंतक को अलविदा कह गई और छोड़ गई।