संवाददाता मोहन सिंह : बेतिया बिहार राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव प्रभुराज नारायण राव ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के उस बयान का कड़ा विरोध किया है । जिसमें उन्होंने कहा है कृषि कानून को वापस लेकर हम एक कदम पीछे हटे हैं । हम आगे इसको लाने पर फिर विचार करेंगे ।

कृषिमंत्री का यह घृणित सोच कारपोरेट के दबाव में किसानों के साथ धोखा है ।
कृषि कानूनों की वापसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था । क्योंकि उनको यह बात समझ में आ गई थी की किसान आंदोलन व्यापक रूप से गांव गांव में फैल चुका है और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान भाजपा गठबंधन के खिलाफ वोट करेंगे । जिससे बुरी तरह से भाजपा की हार होगी ।
इस हार से बचने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के सामने 19 नवम्बर को टेलीविजन पर आकर यह घोषणा किया कि तीन कृषि कानून हम वापस लेते हैं और किसानों से माफी मांगते हैं ।
फिर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का यह बयान किसानों को धोखा देना है । कारपोरेट जगत के दबाव में किसानों की जमीन अम्बानी , अडानी को देने पर एकबार फिर सहमत हो गई है ।
एस के एम किसान विरोधी तीनों काले कानूनो की वापसी और मोदी सरकार की काली करतूतों के खिलाफ फिर सड़क पर उतरेंगे ।