Bihar News-हरिहरात्मक महायज्ञ स्थल का मौनी बाबा ने किया निरीक्षण

Bihar News-Mouni Baba inspected the site of Harihara Mahayagya
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संवाददाता-राजेन्द्र कुमार

सारण/सोनपुर

यज्ञ की तैयारी देख हर्षित हुए संरक्षक मौनी बाबा

25 फरबरी से 5 मार्च तक होगा हरिहरात्मक यज्ञ, आध्यामिक ढंग से बन रहे यज्ञ मंडप, 51 देवी- देवताओ के मूर्ति निर्माण में लगे कुशल कारीगरी

सोनपुर । हरिहरात्मक महायज्ञ के संरक्षक सह लोक सेवा आश्रम के व्यवस्थापक संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा सोनपुर मेला ग्राउंड यज्ञ स्थल पर आकर युद्ध स्तर पर चल रहे यज्ञ की तैयारी का अवलोकन सोमवार को किया। यह यज्ञ आगामी 25 फरबरी से 5 मार्च तक होगा ।

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आध्यामिक ढंग से बन रहे यज्ञ मंडप, 51 देवी- देवताओ की मूर्ति निर्माण में लगे कुशल कारीगरी सह मूर्तिकारो की कला देखकर बाबा हर्षित हुए तथा यज्ञ में तहे दिल से लगे बाबा हरिहर नाथ मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारियों सदस्यो
एवं उनके टीम के लोगों को आर्शीवाद देते हुए कहा कि यज्ञ कार्य में सेवा करने का अवसर शौभाग्यशाली व्यक्ति को प्राप्त होता है। मौनी बाबा ने यज्ञ स्थाल पर अभी से ही चहल-पहल तथा धार्मिक वातावरण देखकर बोले कि जगद्गुरू रामनुजचार्य स्वामी गुप्तेश्वर जी महाराज का एक अनोरखा सोच है श्री हरिहरात्मक महायज्ञ । बाबा हरिहरनाथ की कृपा से तथा महाराज जी के स्नेह से सबकुछ उत्तम ढंग से सम्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हरि और हर की भूमि है । इस भूमि पर जितने भी कार्य होते हैं वे सभी बाबा हरिहरनाथ की कृपा से ही होते हैं । देश का यह पहला यज्ञ जिसके सभी पदों पर हरिहरनाथ ही विरजमान है । उन्होंने कहा यज्ञ की ऊष्मा मनुष्य के अन्तः करण पर देवत्व की छाप डालता है। जहां यज्ञ होते है, वह भूमि एवं प्रदेश सुसंस्कारों की छाप अपने अन्दर घारण कर लेता है। मौनी बाबा ने बताया कि प्राचीनकाल में तीर्थ वही बने है जहाँ बड़े- बड़े यज्ञ हुए थे। आज भी जहां यज्ञ होते हैं वह स्थान तीर्थ वन जाते हैं। हरिहर क्षेत्र तो प्राचीनकाल से ही तीर्थ स्थल है। महिलाएं, छोटे बालक एवं गर्भस्थ बालक विशेष रूप से यज्ञ शक्ति से अनुप्राणित होते हैं। यज्ञीय प्रभाव से मनुव्य धन्य धन्य हो जाता है। आत्मा और परमात्मा को जोड़ देने का कार्य यज्ञाग्नि ऐसे ही होता है जैसे लोहे के टूटे हुए टुकड़ों को बैल्डिंग की अग्नि जोड़ देती है। “ब्राह्मणत्व” यज्ञ के द्वारा प्राप्त होता है।बाबा ने यज्ञ पर चर्चा करते हुए बताया कि काम, क्रोध, लोभ मोह, मद, मत्सर, ईनर्या, द्वेष कायरता, कामुकता, आलस्य, आवेश, संशय आदि मानसिक उद्देगों की चिकित्सा के लिए यज्ञ एक विश्वस्त पद्धति है। यह वह रामवाण औषधि है जिससे शरीर के असाध्य रोगों तक का निवारण हो सकता है।

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इस निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अनिल कुमार सिंह ,राजेंद्र सिंह ,अरुण कुमार सिंह,कृष्ण कांत सिंह पत्रकार विश्वनाथ सिंह, पत्रकार संजीत कुमार, सुनील यादव ,शैलेश कुमार श्रीवास्तव, मिथिलेश कुमार सिंह ,राजेश कुमार सिंह,सुरेश कुमार आहुजा सहित अन्य लोग रहे ।

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