संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघर्ष मोर्चा पश्चिम चंपारण ने स्थानीय एम जे के कॉलेज के प्रांगण में एक बैठक कर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को मध्यान्ह भोजन योजना से मुक्त करने की मांग किया है। इस संबंध में संघर्ष मोर्चा द्वारा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया है। साथी शिक्षकों ने इसके लिए केंद्र सरकार से छात्र-छात्राओं के बैंक खाता में डीबीटी के माध्यम से मध्यान्ह भोजन योजना की राशि भेजने की मांग किया है। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को दिए गए ज्ञापन में कहा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत विद्यालय के छात्रों को अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को मध्यान्ह भोजन योजना जैसे गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना अनिवार्य है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न प्रावधानों को लागू करने हेतु वर्तमान प्रधानमंत्री पोषण योजना सबसे बड़ी बाधक बनेगी। प्रधानाध्यापकों को इस तरह से गैर शैक्षणिक जटिल कार्यों में उलझा कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। शिक्षकों द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि वैकल्पिक रूप से स्वयंसेवी संगठन अथवा सरकारी तंत्र के अन्य स्त्रोतों से प्रधानमंत्री पोषण योजना के कार्यक्रम को संचालित करवाया जाए।

बैठक में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संयोजक मुकेश कुमार गुप्ता के अलावे गोविंद झा, संजय कुमार, सुरेश बैठा, शिव कुमार सिंह, कृष्णकांत, प्रमोद कुमार, जितेंद्र कुमार आदि सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।