संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
बिहार के इकलौते वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में एक तेंदुआ का शव मिला है। तेंदुआ की मौत तो संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है लिहाजा वन विभाग के अधिकारी उसके शव के पोस्टमार्टम में जुटे हैं । VTR के बॉर्डर पर तेंदुआ की मौत से वन विभाग में हड़कंप मचा है।
घटना की पुष्टि VTR के CF डॉ नेशामणी
ने की है। पोस्टमार्टम होनें पर मृत तेंदुआ के शव का बेसरा जांच के बाद हीं मृत्यु के सही कारणों का खुलासा संभव हों पायेगा ।

दरअसल सोमवार की देर शाम गस्ती के दौरान वनकर्मियों ने मदनपुर वन क्षेत्र के पास एक खेत में तेंदुआ के शव को देखा और अपने वरीय अधिकारियों को सूचना दी तब जाकर CF ख़ुद मौके पर पहुँचे हैं । मंगलवार को वन विभाग के वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुआ का पोस्टमार्टम किया गया। साथ ही इसका बेसरा जांच और परिक्षण के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूडब्ल्यूआई), देहरादून भेजा जाएगा ।

बता दें की नेपाल औऱ उतर प्रदेश की सीमा पर स्थित वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में 100 से ज्यादा तेंदुआ और तकरीबन 60 के करीब बाघ की संख्या है । टेरिटरी कायम करने को लेकर इन बाघों या तेंदुओं के बीच अमूमन संघर्ष होते रहता है। अभी हाल में हीं गौनाहा के इलाके में एक बाघ की मौत बाघ के साथ हीं आपसी संघर्ष में हो गई थी जबकि वाल्मीकिनगर रेंज में बीते वर्ष बाघ औऱ तेंदुआ के बीच हुई लड़ाई में एक तेंदुआ ने दम तोड़ दिया था । बहरहाल 12 वर्ष की उम्र सीमा वाले तेंदुआ की मौत VTR के मदनपुर वन क्षेत्र अंतर्गत कक्ष संख्या 8 में रेंज ऑफिस के पीछे स्थित घने जंगल में हुई है जहां फिलहाल किसी क़ो भी जाने की इज़ाज़त नहीं है। क्या इस तेंदुआ की उम्र 12 साल हों गईं थी या फ़िर वह बीमार था औऱ नहीं तो बाघ औऱ तेंदुआ के बीच हुई संघर्ष में उसकी जान गईं है इसका खुलासा नहीं हुआ है लेकिन जिस तरह यह तेंदुआ दो दिन पहले का मरा हुआ मिला है उससे वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लाजिमी हैं ।