संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाने वाली श्री विवेकानंद जयंती पर नगर के रामकृष्ण विवेकानंद विद्या मंदिर में बदलते समाज और राष्ट्रीय जन जीवन में स्वामीजी के दर्शन की प्रासंगिकता के विषय संगोष्ठी आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि रहीं नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि अपने महज 39 वर्ष के अल्पायु जीवन काल में ही स्वामी जी ने भारतीय अध्यात्म और दर्शन से ओतप्रोत अपनी बौधिकता और दिव्य ज्ञान के बल पर भारतीयता का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया था। युवा अवस्था में ही विश्व स्तर पर विद्वता के प्रतीक रहे स्वामी विवेकानंद की जयंती हम आज भी हम सभी के लिए और विशेकर आप विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा श्रोत है। स्वामी जी के व्याख्यान, ज्ञान और उपदेशों का अनुसरण कर के अपने जीवन लक्ष्य हासिल करना चाहिए।स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था।जिसके बाद पूरी दुनिया पर छा गए थे। इसी को लेकर आज की उनकी जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में हम सभी मनाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय और ट्रस्ट के निदेशक मदन बनिक ने की।
संगोष्ठी से पूर्व नगर निगम की मेयर का जोरदार अभिनंदन किया गया। समारोह के मुख्य वक्ता डॉ अरविंद कुमार, अतिथि वार्ड पार्षद नंदलाल व प्राध्यापक रेमी पीटर रहे। मंच का ओजस्वी संचालन विद्यालय की शिक्षिका संजना कुमारी व शिवानी अमल ने किया। आयोजन में इंद्रजीत चक्रवर्ती, पार्वती परमाणिक आदि की सहभागिता रही।