Azamgarh News: On the orders of the minister, the villagers demanded a re-investigation
संवाददाता- विशाल कुमार
आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत रुद्रपुर ग्राम सभा में बीते दिनों एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था । जिसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा जांच को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री तक हस्तक्षेप कराया फिर उच्च अधिकारियों ने जांच भी किया जिसमें प्रधान सहित सेक्रेटरी और जेई पर एफआईआर और वसूली का आदेश हुआ । जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के रुद्रपुर ग्राम सभा में मनरेगा के तहत फर्जीवाड़ा कर लगभग डेढ़ लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया था जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने जांच किया । जाँच मे फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर तत्कालीन सेक्रेटरी प्रशांत यादव, तकनीकी सहायक खिरोधन राम और ग्राम प्रधान सुमन से फर्जीवाड़े से निकाली गयी रकम की वसूली के साथ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया गया ।

परंतु वही ग्राम प्रधान पति व गांव के कई मनरेगा मजदूरों ने जांच को निराधार बताया तथा फिर से जांच करने का मांग किया है प्रधान पति अजय कुमार का कहना है कि हमें अनुसूचित जाति के नाते राजनीतिक द्वेष भावना के तहत फसाने का कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि इसी प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत की जांच तत्कालीन खंड विकास अधिकारी महाराजगंज द्वारा स्वयं की गई थी जिसमें कराया गया कार्य को सत्य पाया गया था। पुनः इस प्रकरण में अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डालकर एफ आई आर एवं रिकवरी का आदेश दे दिया गया जो बिल्कुल निराधार है। इससे हमारा मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। हमारी मांग है कि इस पर फिर से निष्पक्ष जांच कराया जाए । वहीं कई मनरेगा मजदूरों ने भुगतान होने की बात स्वीकार किया है । इस अवसर पर जोगेंद्र, प्रेम कुमार, सुदामा, आशा देवी, मुसाफिर राम, रविंद्र यादव, वर्तमान BDC प्रहलाद, शारद सोनू ,अखिलेश, मोनीलाल, ब्रजेश सिंह, दिपक, राजवीर, राजु, राजकुमार, गौतम कुमार, सुनील, प्रवेश कुमार, रीतू, शंकुतला देवी, रामाश्रय राम, गोविंद, जयप्रकाश, रिखी लाल, अजय कुमार, मनोरमा देवी आदि लोग मौजूद रहे