संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली
राजापाकर अंचल कार्यालय में कर्मियों की भारी कमी के कारण कार्यालयी कार्यों के साथ-साथ आम जनता के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अंचल कार्यालय में छह कर्मियों के पद रिक्त हैं, जबकि वर्तमान में केवल एक अंचल कर्मी ही पदस्थापित हैं। इससे कार्यालय का नियमित कामकाज बाधित हो रहा है और लोगों को अपने कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मियों के अभाव में जो कार्य एक दिन में पूरा होना चाहिए, उसके लिए चार-चार दिन तक अंचल कार्यालय आना पड़ता है। इससे आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार अंचल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति जिला स्तर से की जाती है। वे कुछ समय तक प्रखंड में कार्य करने के बाद पुनः जिला मुख्यालय लौट जाते हैं, जिससे कर्मियों की समस्या लगातार बनी रहती है। वर्तमान में अंचल कार्यालय का अधिकांश कार्य कंप्यूटर ऑपरेटरों के सहारे संचालित किया जा रहा है। हालांकि उन्हें राजस्व एवं अंचल संबंधी सभी प्रक्रियाओं की पूर्ण जानकारी नहीं होती, फिर भी आवश्यक कार्य उनसे कराए जा रहे हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर अंचलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि अंचल कर्मियों की कमी की समस्या से कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राजापाकर अंचल में राजस्व कर्मचारियों की भी भारी कमी है।
वर्तमान में मात्र पांच राजस्व कर्मचारी तेरह पंचायतों का कार्यभार संभाल रहे हैं। एक-एक कर्मचारी के जिम्मे तीन से चार हल्कों का दायित्व होने के कारण भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, लगान एवं अन्य राजस्व संबंधी मामलों का समय पर निष्पादन नहीं हो पा रहा है।
जदयू नेता राम अवतार शाह, राजद नेता राजीव रंजन उर्फ पंकज यादव, जनप्रतिनिधि तपसी प्रसाद सिंह, राजीव कुमार, सत्येंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने जिला पदाधिकारी से राजापाकर अंचल कार्यालय में शीघ्र पर्याप्त संख्या में कर्मियों की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और कार्यालय का कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।