अम्बेडकर नगर न्यूज : नाथू बाबा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष राम अचल गौड ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई

अम्बेडकर नगर न्यूज : नाथू बाबा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष राम अचल गौड ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई
Share News

संवाददाता पंकज कुमार

अंबेडकरनगर जिले के नाथू बाबा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष राम अचल गौड़ ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए। बताया कि नाथू बाबा मंदिर सेवा समिति स्थित पुरानी तहसील तिराहा अकबरपुर जिला अंबेडकर नगर का अध्यक्ष है।

अम्बेडकर नगर न्यूज : नाथू बाबा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष राम अचल गौड ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाईउक्त मंदिर/ट्रस्ट प्रबंध के अधीन है। जिसके तहत देवस्थान नाथू बाबा मंदिर की देखरेख पूजा पाठ अन्य कार्यक्रम की व्यवस्था की जाती है। प्रार्थी/अध्यक्ष ने सर्वसम्मत से सुभाष गौड़, लालजी गौड़, गोपाल गौड़, बदलु व सीताराम, कुलदीप, साधु गौड़ पुत्रगण बिंदा प्रसाद व कृष्णा पुत्र दुखी समस्त किराएदार मोहल्ला मीरानपुर पोस्ट व थाना अकबरपुर अंबेडकर नगर के हैं। जो मंदिर समिति के किराएदार हैं। प्रार्थी मंदिर में लगे गेट व अन्य कमरों की ताला चाबी पिता साधु गौड़ किराएदार/ दुकानदार को समय से गेट खोलने व बंद करने हेतु सौंप दिया था। जिसके तहत किराएदार अपनी मनमानी तरीके व मंदिर की संपत्ति को कब्जा करने के नियत से एक फर्जी समिति का गठन कर लिए हैं। जिसका संबंध ना तो मंदिर से है। ना ही समाज से है जबकि प्रार्थी की नाथू बाबा मंदिर सेवा समिति राजस्व विभाग की देखरेख व जांचों उपरांत रजिस्टर्ड हुई है ।जो आज भी नगर पालिका परिषद अकबरपुर में रजिस्टर्ड दर्ज है। जिसका हाउस टैक्स व जलकर टैक्स प्रार्थी जमा करता रहा है। साधु गौड़ नाम का व्यक्ति दबंगई के बल पर मंदिर में आने-जाने की पक्की सीधी तुड़वा दिया है। मंदिर परिषद में अवैध रूप से ही रिक्शा चार्ज करवा कर धन उगाई का कार्य करता है ।और मंदिर परिसर में क्षति पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं किराएदारों ने मंदिर की शर्तों को पूर्णतया दरकिनार कर दिया है। अपनी दबंगई के बल पर कृष्णा नामक किराएदार की दुकान को सेंध मार करके लूट लिए हैं।

अम्बेडकर नगर न्यूज : नाथू बाबा मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष राम अचल गौड ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाईइसके संबंध में न्यायालय में मुकदमा लंबित है किराएदारों से किराया जमा करने व दुकान खाली करने के संबंध में जब कहा गया तो एक होकर कहने लगे कि हम ना किराया देंगे ।और ना ही दुकान खाली करेंगे तथा लड़ाई झगड़ा करने पर तैयार रहते हैं। ऐसी स्थिति में उपयुक्त किराएदारों पर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।

Trending News