संवाददाता सुशील चन्द्रा
बाह: उत्तर भारत की काशी और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बटेश्वर में गंगा दशहरा पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। महामारी पर आस्था भारी साबित हुई। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का देर से ही बटेश्वर में तांता लगना शुरू हो गया जो कि गंगा दशहरा की दोपहर बाद तक चलता रहा।

लॉक डाउन के चलते मंदिर के पट बंद रहे लेकिन आये हुए श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान कर भगवान ब्रह्मलाल जी की देहरी पर ही माथा टेक कर पूजा अर्चना कर मनौती माँगी।घाटों पर श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और पीएसी के गोताखोर तैनात रहे।सी ओ बाह रविन्द्र प्रताप सिंह ने पुलिस बल के साथ मंदिर परिसर और घाटों पर व्यवस्था का जायजा लिया।

हालांकि लॉक डाउन के चलते दशहरे पर लगने वाले मेले को मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने रद्द कर दिया और मंदिर के पट भी बंद रहे लेकिन श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन को शनिवार रात से ही बटेश्वर धाम में पहुँचने लगे जो कि रविवार दोपहर तक जारी था।

मंदिर के महंत जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि हर वर्ष दशहरा पर बटेश्वर धाम में विशाल मेला लगता था लेकिन कोरोना के चलते इस बार मेले का आयोजन नहीं किया गया है और मंदिर पट बंद हैं लेकिन श्रद्धालु देर रात से ही स्नान और पूजा अर्चना करने के लिए आ रहे हैं।इस पर्व का विशेष महत्व है जिसमें लोग पूजा अर्चना करने के साथ दान पुण्य कर अपनी याचना करते हैं।और भगवान ब्रह्मलाल जी भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं।