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Agra News: अवैध अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सील कर की कार्यवाही,झोलाछापों में मचा हड़कंप

संवाददाता सुशील चंद्रा

बाह: कस्बा में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क दिख रहा है। वीकेंड लॉकडाउन में झोलाछापों के अवैध अस्पतालों में मरीज पहुंच रहे हैं।पंजीकृत अस्पतालों में बैड खाली न होने पर झोलाछापों के अस्पतालों एवं क्लिनिको पर मरीजों की भीड़ भी हो रही है।

इलाज के नाम पर भोले भाले गरीबों से रुपए ठगे जा रहे हैं साथ ही कोरोना गाइडलाइंस का भी पालन नहीं किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर रविवार शाम को स्थानीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बाह कस्बा के ब्लाक परिसर के सामने झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित अस्पताल मां गंगा देवी नर्सिंग होम पर नायब तहसीलदार बाह गौरव अग्रवाल, सीएचसी केंद्र बाह  अधीक्षक डॉ जितेंद्र वर्मा, नोडल प्रभारी डॉ जुबैर खान एवं थाना प्रभारी बाह विनोद पंवार ने पुलिस कर्मियों के साथ छापेमारी की।

जहां अवैध अस्पताल में मौके पर कई मरीज भर्ती मिले। अस्पताल में ही बने ऑपरेशन थियेटर में हर्निया,रसौली, सिजेरियन डिलीवरी आदि के ऑपरेशन किए जा रहे थे।अस्पताल में ही दवाइयों का जखीरा भरा पड़ा था। मौके से अवैध अस्पताल संचालक झोलाछाप डॉक्टर नहीं मिले अस्पताल कर्मचारी इलाज करते हुए मिले टीम के अधिकारियों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह तो महीने दारी पर अस्पताल में कार्य कर रहे हैं।

अस्पताल को चेक करते टीम के सदस्य

प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में भर्ती महिला पुरुष मरीजों को एंबुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह में इलाज को भर्ती कराया गया है। वहां मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने बताया अस्पताल में कई प्रकार का इलाज किया जा रहा था मरीजों की आंखों में धूल झोंक कर नर्सिंग होम में ही ऑपरेशन सहित इलाज कर मौत का सौदा हो रहा था। प्रशासन की टीम द्वारा अवैध अस्पताल को सीज कर कार्रवाई की गई है।

अस्पताल को सील करते टीम के सदस्य

वहीं अवैध अस्पताल किसके द्वारा संचालित किया जा रहा था इसकी जांच शुरू कर दी है। अवैध अस्पताल सीज होने पर अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।

अस्पताल में झोलाछाप करते हैं गंभीर ऑपरेशन:

अस्पताल में भर्ती मरीज 25 वर्षीय राजेश ने बताया कि उसका तीन दिन पहले हार्निया का ऑपरेशन इसी अस्पताल में किया गया है जब उससे डॉक्टर के बारे में पूछा गया तो वह डॉक्टर का नाम नहीं बता सका।

भर्ती मरीजों से जानकारी करते डॉ जुबैर खान और नायब तहसीलदार गौरव अग्रवाल

एक अन्य 50 वर्षीय महिला मरीज मुन्नी देवी से बात की गई तो उसने बताया कि उसका पेट का ऑपरेशन हुआ है लेकिन वह भी डॉक्टर का नाम नहीं बता सकी।अस्पताल के कर्मचारियों से जब भर्ती मरीजों की फाइल माँगी गयी तो वे कोई फाइल, डॉक्युमेंट नहीं दिखा पाए।निर्माणाधीन बिल्डिंग में ही झोलाछाप कर रहे थे ऑपरेशन।

 

माँ गंगा देवी अस्पताल पर छापा मारने वाली टीम

जब स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारा तो अस्पताल संचालक और अन्य झोलाछाप मौके से भाग गए।