Agra News : जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराना नवजात शिशु और माँ के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक

Agra News: Breastfeeding within one hour of birth is essential for the health of the newborn and the mother
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संवाददाता मुस्कान सिंह आजाद

जन्म के एक घंटे के अंदर शिशु को मां का स्तनपान जरुरी, जिले में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा,
स्तनपान यानी– “शिशु का पहला टीका”

आगरा, 31 जुलाई 2024 ।
जिले में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा । जन्म के पहले घंटे में स्तनपान नवजात और माँ के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।गर्भ में नौ महीने रहने के बाद शिशु का माता के साथ गहरा जुड़ाव कायम हो जाता है। इसलिए जन्म के तुरंत बाद शिशु को प्राकृतिक रूप से स्तनपान का वरदान प्राप्त होता है। जन्म के शुरूआती दो घंटों तक शिशु अधिक सक्रिय रहते हैं। इसलिए शुरूआती एक घंटे के अंदर ही स्तनपान शुरू कराने की सलाह दी जाती है। इस साल इस सप्ताह की थीम है ‘अंतर को कम करना: सभी के लिए स्तनपान सहायता’, यानि स्तनपान को सुनिश्चित करने के लिए सब सहयोग करें रखी गई है।Agra News: Breastfeeding within one hour of birth is essential for the health of the newborn and the mother

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म के शुरूआती दो घंटों तक शिशु अधिक सक्रिय रहते हैं। इसलिए शुरूआती एक घंटे के अंदर ही स्तनपान शुरू कराने की सलाह दी जाती है। इससे शिशु सक्रिय रूप से स्तनपान करने में सक्षम होता है। साथ ही छह माह तक केवल स्तनपान भी जरुरी होता है। इस दौरान स्तनपान के अलावा बाहर से कुछ भी नहीं देना चाहिए। ऊपर से पानी भी नहीं। यदि छह माह तक बच्चे को केवल स्तनपान और उसके बाद दो साल तक स्तनपान के साथ पूरक पोषाहार दिया जाये तो बच्चा सुपोषित होगा ।Agra News: Breastfeeding within one hour of birth is essential for the health of the newborn and the mother

सीएमओ ने बताया कि बच्चे को जन्म के एक घंटे के अंदर गाढ़ा पीला दूध पिलाना आवश्यक है। यह नवजात और मां दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि डिब्बा बंद दूध बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। इसलिए बच्चे को डिब्बाबंद दूध पिलाने से परहेज करें और छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध ही पिलाएं।

एसीएमओ आरसीएच/ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर शिशुओं के लिए स्तनपान अमृत समान होता है। यह अवधि दो मायनों में अधिक महत्वपूर्ण है। पहला यह कि शुरुआती दो घंटे तक शिशु सर्वाधिक सक्रिय अवस्था में होता है। इस दौरान स्तनपान की शुरुआत कराने से शिशु आसानी से स्तनपान कर पाता है। सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव दोनों स्थितियों में एक घंटे के भीतर ही स्तनपान कराने की सलाह दी जाती है। इससे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। जिससे बच्चे को निमोनिया एवं डायरिया जैसे गंभीर रोगों से भी बचाव होता है।Agra News: Breastfeeding within one hour of birth is essential for the health of the newborn and the mother

जिला सामुदायिक प्रक्रिया समन्वयक डॉ. विजय सिंह ने बताया कि स्तनपान “शिशु का पहला टीका” होता हैं । शुरूआती समय में एक चम्मच से अधिक दूध नहीं बनता है। यह दूध गाढ़ा एवं पीला होता है। जिसे क्लोसट्रूम कहा जाता है। इसके सेवन करने से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। लेकिन अभी भी लोगों में इसे लेकर भ्रांतियां है। कुछ लोग इसे गंदा या बेकार दूध समझकर शिशु को नहीं देने की सलाह देते हैं। दूसरी तऱफ शुरूआती समय में कम दूध बनने के कारण कुछ लोग यह भी मान लेते हैं कि मां का दूध नहीं बन रहा है। यह मानकर बच्चे को बाहर का दूध पिलाना शुरू कर देते हैं। जबकि यह केवल सामाजिक भ्रांति है। बच्चे के लिए यही गाढ़ा पीला दूध जरुरी होता है एवं मां का शुरूआती समय में कम दूध बनना भी एक प्राकृतिक प्रक्रिया ही है।

स्तनपान के शिशु को लाभ
मां की त्वचा का संपर्क शिशु के तापमान को बनाए रखता है
दूध उतरने में सहायक
पहला गाढ़ा दूध अथवा कोलेस्ट्रम शिशु को बीमारियों से बचाता है
दस्त रोग, निमोनिया, कान व गले संक्रमण आदि का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है
शिशु और मां के बीच जुड़ाव रहता है
बौद्धिक स्तर में सुधार होता है

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