Bihar News  : विलुप्त होते गिद्धों के बीच वीटीआर से आई सुखद खबर, भारी संख्या में दिखे गिद्ध-वन- संरक्षक

Bihar News : Amidst the extinction of vultures, good news comes from VTR, vultures seen in large numbers - Forest Conservator
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संवाददाता मोहन सिंह बेतिया

गिद्धों की घटती संख्या के बीच वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से एक सुखद खबर सामने आई है। बीटीआर क्षेत्र के गोनौली,चिऊटाहां और मदनपुर समेत बिहार यूपी सीमा से सटे कई इलाकों में भारी संख्या में गिद्ध देखने को मिले हैं। Bihar News : Amidst the extinction of vultures, good news comes from VTR, vultures seen in large numbers - Forest Conservator

बताते चलें कि साल 2003 के बाद भारत समेत दुनिया भर से गिद्ध विलुप्त होते जा रहे हैं। इन गिद्धों का विलुप्त होना पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है। क्योंकि गिद्ध प्राकृतिक तौर पर शिकारी पक्षी होते हैं और उन्हें स्वच्छता प्रहरी के तौर पर जाना जाता है। गिद्ध को दुनिया में सबसे ऊंचा उड़ने वाला पक्षी माना जाता है। साथ ही इसकी गिनती बदसूरत पक्षियों में भी होती है।हालांकि ये बदसूरत पक्षी पर्यावरण को स्वच्छ रखने की कुदरती कला में निपुण है। लिहाजा दुनिया भर में इनकी घटती संख्या चिंता का विषय है और इनको विलुप्त होने से बचाने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग तत्परता से जुटा हुआ है।

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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक सह निदेशक डॉ नेशामणि बताते हैं कि वीटीआर के गोनौली,चिऊटाहां और मदनपुर वन क्षेत्र के कई इलाकों में गिद्धों की बहुत अच्छी जनसंख्या देखी गई है। ये इकोसिस्टम के लिए काफी महत्वपूर्ण और उपयोगी हैं, लेकिन जानवरों को डिक्लोफेनाक दवा दिए जाने के कारण इनकी मौत हो रही है।

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जिन इलाकों में गिद्धों को स्पॉट किया गया है वहां के किसानों और पशुपालकों को अपने जानवरों को डिक्लोफेनाक दवा नहीं खिलाने के लिए प्रेरित और जागरूक किया जा रहा है, क्योंकि गिद्ध एक मुर्दाखोर पक्षी है जो जंगलों में मृत जानवरों के अवशेषों और सड़े गले मांस को जल्दी से खा जाता है।जिस कारण मृत अवशेषों की दुर्गंध जंगल में नहीं फैलने पाती और इस प्रकार पूरा वातावरण और इकोसिस्टम स्वच्छ बना रहता है।

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