महेन्द बाबू इटावा : कोरोना संकट के कारण 21 दिन के हुए लोक डाउन में मात्र छटवें दिन ही रोजगार की संकट की घड़ी से गरीब लोगों के घरों में खाने पीने के सामान की दिक्कत हो गई । रोजमर्रा की आमदनी से परिवार चलाने वालों के सामने खाने – पीने के सामान और रुपए पैसे का संकट खड़ा हो गया ।

इस घड़ी से निजात दिलाने के लिए यूपी की इटवा पुलिस कई चेहरे और संगठन सामने आने शुरू हो गए । जानकारी के अनुसार पुलिस को जितना निर्दयी और निष्ठुर समझा जाता है उतना नही है । किसी भी संकट के समय मे पुलिस पीछे नही होती । इटावा पुलिस के सिपाही व अधिकारी अलग अलग स्थानों पर खाना वितरण करते दिखे।

पुलिस ने नगर पंचायत के अपने गरीब लोगो तक विधवा पैंशन , राशन वितरण के साथ जरूरतमंदो तक खाने का सामान भेजने की तैयारी कर रही है।
हालांकि इन संगठनों से थोड़ी राहत तो मिलती है

परंतु वह आजादी नहीं जो आदमी अपना काम और मेहनत करके अपने परिवार की गुजर-बसर करता था कोरोना की बीमारी के चलते मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो चुका है । लोगों के पास न तो पैसा है और नहीं घरेलू सामान।