Etawah News: इमामे हुसैन के पैगाम पर अमल करना ही हुसैनियत है: सैयद मज़हर मियाँ

IMG-20220809-WA0045
Share News

ब्यूरो संवाददाता

इटावा: हाफ़िज ए बुखारी फाउंडेशन के जेरे अहतिमाम जिक्रे शोहदा ए करबला बड़ी मस्जिद शाहकमर मे किया गया जिसमे हाफ़िज कफील चिश्ती ने कुरान शरीफ की तिलावत करके जलसे का आगाज़ किया। 9 मोहर्रम को मस्जिद शाहकमर मे जलसा जिक्रे शोहदा ए करबला मे मेहमाने खुसूसी आस्ताना ए आलिया समदिया फफूंद शरीफ के हज़रत अल्लामा व मौलाना सैय्यद मोहम्मद मज़हर मियाँ साहब चिश्ती ने कहा शरियत मुस्तफा पर अमल करना ही हुसैनियत है हज़रत ने फरमाया कि मोहर्रम मे लंगर व नियाज़ के साथ साथ नमाज़ो की पाबंदी भी करे इमामे हुसैन ने करबला के मैदान में खौफ, भूख, माल की कमी बर्दाश्त करते हुए और अपनी औलादों को कुर्बान करके यह सबक दिया कि हक व बातिल के सामने हक का साथ देना ही ईमान की निशानी है।

Etawah News: To follow Imam Hussain's message is Hussainiyat: Syed Mazhar Miyan
जलसे मे मौलाना इरफान चिश्ती ने कहा अहले बैत से मोहब्बत करना अल्लाह का हुक्म है जलसे की सदारत दरगाह चिश्तिया नईमियां साबित गंज के सज्जादानशीन हज़रत डा० शोएब अहमद चिश्ती नईमी ने की इस मौके पर मौलाना जाहिद रज़ा, हाफ़िज मोहम्मद अहमद चिश्ती सफवी, मौलाना महमूद चिश्ती, मौलाना फुरकान रज़ा, कारी शाहवाज़ अनवर कादरी, कारी जीशान चिश्ती, हाफ़िज जुबैर चिश्ती, हाफ़िज सुल्तान रज़ा, मौलवी तौफीक नक्शबंदी तारिक हुसैन, अरसम रहमानी, जाकिर हुसैन रहमानी, व शहर के तमाम ओलमाए इकराम व अवाम ए अहलेसुन्नत ने शिरकत की संचालन मौलाना शराफत हुसैन अशरफी ने किया।

You may have missed