संवाददाता पंकजकुमार
अम्बेडकर नगर जिले के थाना जहाँगीरगंज क्षेत्र भक्ति ही भगवान को पाने का एकमात्र उपाय है जो जिसका अंश होता है उसी में समाहित हो जाता है आत्मा परमात्मा का अंश है अच्छे कर्म और भक्ति से जीव जन्म और मृत्यु के बन्धन से मुक्त हो जाता है रामनाम के जप से मानव जीवन सार्थक हो जाता है।उक्त उद्गार आलापुर तहसील स्थित भुजहिया माता मन्दिर नसीरपुर छितौना में श्री शतचण्डी महायज्ञ एवं विराट सन्त सम्मेलन में नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के सातवें दिन प्रसिद्ध कथावाचक श्री देवेश जी महाराज ने कही ।कथा व्यास श्री देवेश जी महाराज ने कहा कि सुंदरकाण्ड के नायक श्री हनुमान हैं। अब सवाल यह उठता है कि सुंदरकाण्ड का नाम सुंदरकाण्ड क्यों रखा गया।

दरअसल, हनुमानजी, सीताजी की खोज में लंका गए थे और लंका त्रिकुटांचल पर्वत पर बसी हुई थी। त्रिकुटांचल पर्वत यानी यहां 3 पर्वत थे। पहला सुबैल पर्वत, जहां के मैदान में युद्ध हुआ था। दूसरा नील पर्वत, जहां राक्षसों के महल बसे हुए थे। तीसरे पर्वत का नाम है सुंदर पर्वत, जहां अशोक वाटिका निर्मित थी। इसी वाटिका में हनुमानजी और सीताजी की भेंट हुई थी। सुंदर पर्वत पर ही सबसे प्रमुख घटना घटित होने के कारण इसका नाम सुंदरकाण्ड रखा गया। सुन्दर पर्वत पर ही अशोक वाटिका थी इसी अशोक वाटिका में ही हनुमानजी और सीताजी का मिलन हुआ था इसीलिए इस काण्ड का नाम सुन्दरकाण्ड रखा गया। कहते हैं कि यहां की घटनाओं में हनुमानजी ने एक विशेष शैली अपनाई थी।
वास्तव में श्रीरामचरितमानस के सुंदरकाण्ड की कथा सबसे अलग है। संपूर्ण श्रीरामचरितमानस भगवान श्रीराम के गुणों और उनके पुरुषार्थ को दर्शाती है। सुंदरकाण्ड एकमात्र ऐसा अध्याय है, जो श्रीराम के भक्त हनुमान की विजय का काण्ड है। सुंदरकाण्ड का पाठ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। किसी भी प्रकार की परेशानी या संकट हो, सुंदरकाण्ड के पाठ से यह संकट तुरंत ही दूर हो जाता है।

इस मौके पर वक्तागण श्री हरिप्रसाद जी महाराज वाराणसी यज्ञाचार्य पं. कामता प्रसाद शुक्ल पं.ओंकारनाथ शुक्ल पं.रामकृष्ण शुक्ल राजेश कुमार पाण्डेय प्रमोद पाण्डेय राम प्रकाश शुक्ल नीरज तिवारी ध्रुब तिवारी वासुदेव यादव गौतम तिवारी आकाश तिवारी अष्टभुजा शुक्ला एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। श्रीराम कथा क्षेत्र में होने से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है और कथा श्रवण के लिए दूर-दूर से महिलाओं बच्चों एवं भक्तों की भारी भीड़ जमा हो रही है