Agra News: परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की दबंगई नहीं जाते विद्यालय

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संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज़

बाह: जनपद आगरा के तहसील बाह में सरकारी विद्यालयों का हाल बेहाल है। मोटी पगार लेने वाले शिक्षक शिक्षिकाएं घर बैठे ही अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं और नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा लंबे अरसे बाद 24 अगस्त से उच्च प्राथमिक विद्यालयों को कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के शिक्षण कार्य के लिए खोला जा चुका है वहीं प्राथमिक विद्यालयों में भी 1 सितंबर से कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का शैक्षणिक कार्य शुरू करने के दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं जिसे लेकर के विद्यालयों में तैयारियां की जानी है लेकिन तैयारियां करना तो दूर शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यालयों में भी नहीं जा रहे हैं।

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यह स्थिति कहीं न कहीं शिक्षा के स्तर को गर्त में ले जाने वाली है। सरकार शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने के लिए और शिक्षक शिक्षिकाओं पर लगाम लगाने के लिए नित नए दिशा निर्देश लागू कर रही है वहीं यह दबंग्ग शिक्षक शिक्षिकाएं सरकार के नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। शिक्षक शिक्षिकाएं या तो विद्यालयों में पहुंचते ही नहीं है और जाते भी हैं तो रोस्टर के मुताबिक कभी कोई तो कभी कोई पहुंचकर औपचारिकता पूरी कर देता है।

 

IMG 20210827 094410 scaledकई बार सोशल मीडिया और मीडिया में विद्यालयों के बंद होने और शिक्षकों के विद्यालयों में न जाने की खबरें प्रकाशित होने के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों का ध्यान इस ओर न जाना उनकी भूमिका पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहा है। शुक्रवार को विकासखंड जैतपुर कला के प्राथमिक विद्यालय मुरार में सुबह 10 बजे विद्यालय के गेट पर ताला पड़ा हुआ था और विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका वहां मौजूद नहीं थे।

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वही पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझटीला विकास खंड जैतपुर कला में भी साढ़े दस बजे विद्यालय में ताला पड़ा हुआ था और शिक्षक शिक्षिकाएं नदारद थे। वही प्राथमिक विद्यालय मझटीला में केवल एक शिक्षक मौजूद थे। प्रधानाचार्या विद्यालय में अनुपस्थित थी वही उपस्थित शिक्षक से पूछने पर पता चला कि प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या पिछले 4 दिन से अनुपस्थिति हैं और उनके द्वारा कोई अवकाश नहीं लिया गया है। एक अन्य पूर्व माध्यमिक विद्यालय मनभावती पुरा पर भी ग्यारह बजे तक विद्यालय में ताला पड़ा हुआ था और शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद नहीं थे।

 

IMG 20210827 095216 scaledवहीं विद्यालय की स्थिति देखने से यह पता चल रहा था कि यह विद्यालय महीनों से बंद पड़ा था। कहीं न कहीं जब शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति की बात आती है तो उपस्थिति रजिस्टरो के अनुसार ये शिक्षक शिक्षिकाएं कर्तव्य परायण नजर आते हैं लेकिन जब बात धरातल पर आती है तो शिक्षक शिक्षिकाएं विद्यालयों में मौजूद ही नहीं मिलते। सरकार के प्रयासों और नौनिहालों के भविष्य के साथ यह शिक्षक शिक्षिकाएं मोटी पगार लेकर भी खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे दबंग शिक्षकों पर कार्यवाही न किए जाना विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है।

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