Bihar News : पुलिस अर्थात सेवा सुरक्षा और मानव के स्वतंत्रता का संगरक्षक होता है

Bihar News : पुलिस अर्थात सेवा सुरक्षा और मानव के स्वतंत्रता का संगरक्षक होता है
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संवाददाता-राजेन्द्र कुमार

हाजीपुर वैशाली/महनार-कहते है!पुलिस अर्थात सेवा सुरक्षा और मानव के स्वतंत्रता का संगरक्षक होता है।लेकिन ये है बिहार के वैशाली जिला के अतर्गत आने वाले महनार थाना की दास्तां जहां के थाना अध्यक्ष व उनके सहयोगी यो यहां के जनता के लिए रक्षक ही भक्षक बनकर बैठा है।हमारे महनार थानाध्यक्ष मनोज सिह के लिए पुलिस का मतलब है क्षुठे आरोप मे फसाना, निर्दोस से उगाही करना, शराब माफिया से घुसखोरी, पुलिसिया शक्ति का दुरूपयोग, और क्ई अनगिनत अवैध धंधो को बढावा देना।पिछले दिनो इनके एक सहयोगी ASIको वैशाली SPने ससपेंड भी किया है।लेकिन ये आरोपों का शिलशिला थमने का नाम नही ले रहा है।

 

Bihar News : पुलिस अर्थात सेवा सुरक्षा और मानव के स्वतंत्रता का संगरक्षक होता हैआखिर थमे भी तो कैसे ये सतरंज का वो खेल है।जहां राजा स्वयं पीछे सुरक्षा कवच बना के बैठा है और अपने प्यादे को आगे रखकर उसे बली का बकरा बना रहा है।और यहां के राजा ही कानून के सेवक उगाही के जन्मदाता और भ्रष्टाचारियो के पिता थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह जिनके उफर सिर्फ महनार थाना का ही अध्यक्षतु की जिम्मेदारी नही अपितु साथ साथ वो भी सभी तरह के उगाही, भ्रष्टाचार और प्यादो की कुर्बानी का भी अध्यक्षता कर रहे।इह लेख के साथ संलग्न एक बिडियो क्लिप भी है जो मुकेश सिह मुखियां संघ अध्यक्ष महनार के द्बारा जारी किया गया है।इस वीडियो क्लिप मे वो तथ्य के साथ इस बात की पुष्टी करते है कि किस प्रकार महनार थानाध्यक्ष मनोज सिंह के अध्यक्षता मे कितने अच्छे तरीकें से निर्दोष को वारंट के नाम पर डरा कर पैसे की उगाही की जा रही है।कितने स्वच्छ और सुचारू रूप से वो अपने प्यादो के द्बारा उगाही की अध्यक्षता कर रहे है।किस तरह फोन पर लोगो से सेवा की मांग की जा रही है।क्योंकि उनके लिए सेवा का मतलब भ्रष्टाचार मे उनका सहयोग से है।इसलिए मै पुलिस अधीक्षक वैशाली से आग्रह करता हूँ कि महनार थाना अध्यक्ष मनोज सिंह पर दायर सभी तरह के आरोपों की जांच निष्पक्षता से की जाएं औऋ दोषियों पर सख्त से संख्त कारवाई की जाए ताकि आम जनमानस मे जो पुलिस नामक संस्था के प्रति जो विश्वास और सुरक्षा का भाव है वो सदैव बना रहे।क्योंकि जब किसी के साथ कुछ गलत हो तो लोग सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की ओर देखे न की किसी महाजन की ओर जिससे वो कर्ज लेकर पुलिस को रिश्वत दे अपने सुरक्षा के लिए।इसलिए कारवाई अतिआवश्यक है उस विश्वास के लिए सुरक्षा भाव के लिए जो आमलोगों को पुलिस से उम्मीद होती है।उस उम्मीद के लिए और कानून का शासन के सिद्धांत की पुष्टी के लिए।

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