मेरठ न्यूज: गंदगी के कारण जीना हुआ मुश्किल

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संवाददाता: रेनू

मेरठ जिले में प्रमुख स्थलों पर फैला कूड़ा – करकट लोगों को कोरोना महामारी के साथ- साथ बुखार, डायरिया, टाईफाइड, हैजा, मलेरिया जैसी अन्य बीमारियों का शिकार बना रहा है। जिसे शाम तक भी नहीं उठाया जाता। कालोनी के पास पड़ा यह गोबर व कूड़ा , मार्गो के पास फैले कूड़े से नरक जैसे हालात बने हैं। इस महामारी के दौर में शहर में सफाई कराने और मच्छरों से निजात दिलाने के लिए फॉगिंग व एंटी लारवा का छिड़काव तो बहुत ही दूर की बात इन जगहों रोज कूड़ा भी नही उठाया जाता। कोरोना जैसी भयंकर महामारी नियंत्रण के अनुसार कोई सेनिटाइजेसन तक नही करवाया जाता, जबकि प्रदेश में महामारी के बेकाबू हालात में ये जिम्मेदारी नगर निगम की होती है।

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लेकिन नगर- निगम इस व्यवस्था में फेल साबित हो रहा है। शहर में सभी प्रमुख स्थानों, चौराहों और मार्गो पर कूड़े के ढ़ेर लगे रहते हैं। जिनको उठाने के लिए नगर-निगम की गाड़ी भी नहीं आती। शहर के प्रमुख स्थानों पर सड़क के किनारे लगभग 30 मीटर दूरी तक कूड़े का ढ़ेर लगे हुए है। इन मार्गो पर अधिकांश खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा ही कूड़ा व गोबर पड़ा है। जिसकी दुर्गधं से लोग परेशान हैं। लोगों का सांस लेना भी दुशवार हुआ पडा़ है।इन स्थानों पर गंदगी से मच्छरों की भरमार है। जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। लेकिन नगर आयुक्त व नगर स्वास्थ्य अधिकारी शहर की जनता की जान की फिक्र ही नहीं है। इसी मार्ग पर आवारा पशु भी घूम रहते है। यह आवारा पशु राहगीरों के लिए मुसीबत बने है, इसके बाद भी इनके लिए किसी भी तरह की व्यस्थायें नही है।

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