संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की बिहार राज्य कमिटी 16 जून से 30 जून तक पूरे बिहार में मुख्यमंत्री जवाब दो आंदोलन चलाएगी । इसकी जानकारी देते हुए पार्टी के पश्चिम चम्पारण के जिला मंत्री प्रभुराज नारायण राव ने बताया की _
पश्चिम चम्पारण जिला कमिटी कोरोना संक्रमण के दौरान ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों की दुर्दशा , स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर , नर्स , कोरोना से बचाव के लिए उपक्रमों का नहीं होने का जिम्मेदार कौन है । इतना ही नहीं जीवन रक्षक अस्पतालों में मवेशियों या कुत्तों का आश्रय स्थल बना हुआ है । कहीं भी वेक्सिन नहीं है । जिले में हुई कोरोना संक्रमित लोगों की मौत की सही जानकारी देने की जिम्मेदारी किसकी है ।
महंगाई को रोकने की कोई सरकारी योजना नहीं है । पेट्रोल , डीजल एक सौ के करीब है । खाने का तेल दो सौ के पार है । दाल , सब्जी अब मध्यवर्गीय लोगों की थाली से दूर होता जा रहा है ।
धान का बीज सरकार द्वारा समय पर उपलब्ध नहीं करना , न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का खरीदारी नहीं होना , 14 सौ रुपए क्विंटल पर बिचौलियों के हाथों 95 % किसानों का बिक जाने का जिम्मेदार कौन है ।
गन्ना किसानों का चीनी मिलों द्वारा गन्ना का भुगतान पेराई सत्र में नहीं होना , गन्ना के दामों में पिछले 7 साल से राज्य संवर्धन मूल्य (SAP) नहीं मिलना , गन्ना के दामों में बढ़ोतरी नहीं होना , मिलों द्वारा किसानों के गन्ना का घटतौली करने का जिम्मेदार कौन है ।
किसानों के जमीन को कारपोरेट के हाथों सौंप देने के लिए तीन काला कानून बनाने , एम एस पी को कानूनी दर्जा नहीं देना , फसल उत्पादन या लाभकारी दाम नहीं मिलने से आत्महत्या करने का जिम्मेदार कौन है ।
जिले में अपराध में हो रहे बेतहाशा वृद्धि , हत्या , लूट और बढ़ते पुलिस धांधली , शराब को मंगाने और घरों तक पहुंचाने की गारंटी , लॉक डाउन में दूकान खोलने वाले व्यवसायियों से मनमानी वसूली , ट्राफिक पुलिस द्वारा रास्ता को सुचारु बनाने के बदले कमजोर चालकों से तथा सड़क पर सामान बेचने वालों से नाजायज उगाही कराने का जिम्मेदार कौन है ।
बाढ़ तथा सुखाड़ जैसे आपदा से लोगों तथा उनके घरों , मवेशियों , फसलों को बचाने का जिम्मेदार कौन है ।
काम करने वाले युवकों को रोजगार की व्यवस्था करने , बच्चों को शिक्षा देने , उन्हें विकास का मौका देने का जिम्मेदार कौन है ।
इसके साथ साथ अन्य स्थानीय सवालों पर गांवों में बैठकें और सभाएं की जायगी । जिसमें जिला नेतृत्व के साथी भाग लेंगे । जून के अंतिम सप्ताह में प्रखण्ड स्तर पर प्रदर्शन किए जायेगें ।