Agra News: रेमड़ेसिविर और ब्लैक फंगस के नकली और असली इंजेक्शन की कालाबाजारी में बाह निवासी डॉक्टर गिरफ्तार

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लखनऊ में पुलिस ने नकली जीवन रक्षक इंजेक्शन और असली इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का पर्दा फाश किया है।मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सिटी स्टेशन के पास बुधवार को एक होटल से गिरोह के छह सदस्यों को इंजेक्शनों की डील करते समय छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों में एक डॉक्टर,दो संविदा कर्मी सहित तीन अन्य लोग शामिल हैं।पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।बजीरगंज थाना प्रभारी धनन्जय पांडेय के अनुसार शहर में कुछ दिनों से नकली और असली इंजेक्शन की कालाबाजारी की खबरें सामने आ रहीं थीं।

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जिसे लेकर पुलिस द्वारा टीम गठित कर आरोपियों का पता लगाने के प्रयास किये जा रहे थे।बुधवार को मुखबिर द्वारा शहर के एक होटल में कालाबाजारी करने वाले गिरोह की डीलिंग होने की सूचना मिली जिस पर पुलिस ने टीम के साथ बताए गए होटल पर छापा मारकर 6 आरोपियों को मौके से धर दबोचा।आरोपियों के पास से लिपोसोमेन एम्फोटेरिसिन बी के 28 इंजेक्शन,रेमड़ेसिविर के 18 इंजेक्शन,8 मोबाइल, एक कार,दो मोटरसाइकिल, सोलह हजार रुपए बरामद किए हैं।पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रति इंजेक्शन 20 से 25 हजार रुपये में बेचते थे। यह कोरोना के इलाज में इस्तेमाल हो रहे रेडमेसिविर और ब्लैक फंगस इंजेक्शन को केजीएमयू और आरएमएल इमरजेंसी से चुराते थे।

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बाह निवासी डॉ बामिक हुसैन काली टी शर्ट में पुलिस हिरासत में

गिरफ्तार आरोपियों में आगरा के बाह निवासी डॉ बामिक हुसैन जो कि बाह निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता जमीर हुसैन के मझले बेटे हैं और एम बी बी एस हैं जबकि अन्य आरोपियों में बार्ड बॉय, टैक्नीशियन व अन्य स्टाफ हैं जिनमें हरदोई तंडियावा निवासी मो0 आरिफ,केसरबाग लखनऊ निवासी मो0 इमरान,इटोजा रायपुर निवासी राजेश कुमार, आजमगढ़ निवासी मो0 राकिब और अयोध्या पुरा बाजार निवासी बलवीर सिंह शामिल हैं।

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