Bihar News: राजीव गांधी जी ने एक जननेता और प्रधानमंत्री के रूप में देश को पुननिर्माण एवं विकास के पथ पर अग्रेषित किया: इन्तेखाब आलम।

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संवाददाता मंटू राय
बिहार: राजीव गांधी के पुण्यतिथि के मौके से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य इंतेखाब आलम ने कहा कि भारत रत्न राजीव गांधी एक ऐसे कर्मयोगी रहे हैं, जिनकी जीवन यात्रा में मानवता, सहजता, सरलता, निष्छलता के कई मुकाम रहे हैं। राष्ट्रहित उनके चिंतन के केन्द्र में था। सर्वधर्म सद्भाव उनके मानस में रचा-बसा था। राजीव गांधी के व्यक्तित्व में परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय था। नियति ने समय के कैनवास पर उन्हें बहुत कम समय बख्शा, लेकिन इतने कम समय में भी उन्होंने इतिहास के कैनवास पर अपनी अनूठी और अमिट छाप छोड़ी। विलक्षण प्रतिभा के धनी राजीवजी में सादगी और दृढ़ता का आदर्श समावेश था। बेहद शांत और गंभीर प्रवृत्ति के राजीव गांधी जी का संपूर्ण जीवन सत्यम्, शिवम, सुंदरम् का मूर्तिमान रूप था।

राजीव गांधी राजनीति में सतत् संवाद के पक्षधर थे।“ राजीव जी मानते थे कि बिना संवाद के विश्वास पैदा नहीं हो सकता और बिना विश्वास के राजनीति नहीं चल सकती। इसी पारस्परिक संवाद की राजनीति को अमलीजामा पहनाते हुए उन्होंने पंजाब, असम और मिजोरम समझौते किए, जिससे इन प्रदेशों में वर्षों से चल रही उथल-पुथल, अशांति एवं हिंसक गतिविधियों पर विराम लगा। राजीव गांधी ने विषम परिस्थितियों में देश के प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाला। राजीव गांधी के साथ करोड़ों भारतीयों के मन में आधुनिक भारत की आशाएं, आकांक्षाएं और सपने जाग उठे। राजीव गांधी जी ने एक जननेता और प्रधानमंत्री के रूप में देश को पुननिर्माण एवं विकास के पथ पर अग्रेषित किया। उन्होंने भारत को आधुनिक, खुशहाल और एक मजबूत राष्ट्र बनाने में विशेष भूमिका निभाई। सबकी सुनना और सबको साथ लेकर चलना राजीवजी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विषेषता थी। वे आमजन की समस्याओं को बड़े ध्यान से देखते थे और फिर सही दिशा-निर्देश देकर उसको सुलझाने का काम करते थे, यही उनकी कार्यशैली थी।

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