संवाददाता दिलीप कुमार
इटावा: संस्था “अधिकारों की ताकत” के प्रदेश अध्यक्ष महाशक्ति कहते हैं कि बच्चों से ही शिक्षक व शिक्षण संस्थाओं से जुड़े कर्मचारियों का अस्तित्व है। जैसा कि सबको पता है कोरोना संक्रमण से संपूर्ण देश परेशान है वही बच्चों की शिक्षा सुचारू रूप से चलती रहे अभिभावकों व समाज के लिए यह एक बहुत बड़ा चैलेंज है। इस चैलेंज को पूर्ण करने के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थाएं ऑनलाइन क्लासेस की व्यवस्था कर रही है सभी अभिभावकों का यह दायित्व बनता है कि इस बात का ध्यान रखें कि उनका बच्चा समय से नियमित ऑनलाइन क्लासेस ले रहा है या नहीं तथा इस बात का भी ध्यान रखें कि शिक्षण संस्थाएं प्रत्येक विषय की ऑनलाइन क्लासेज एक अनुभवी शिक्षक से करा रही है या नहीं क्योंकि आप सभी अभिभावक अपने बच्चे के भविष्य हेतु अपनी मेहनत की कमाई शिक्षण संस्थाओं को फीस के रूप में दे रहे हैं।जिसका सदुपयोग करना आपका अधिकार है।

शिक्षण संस्थाएं अनुभवी शिक्षक द्वारा ऑनलाइन क्लासेज करा रही है या नहीं इस बात पर जोर इसलिए दिया क्योंकि कुछ भ्रष्ट शिक्षण संस्थाएं अभिभावक से तो पूरा-पूरा फीस ले रही हैं परंतु अपने शिक्षक व कर्मचारियों में उनका वेतन ईमानदारी से वितरित नहीं कर रही।
मैं, महाशक्ति, सभी अभिभावकों से निवेदन करता हूं कि ऑनलाइन क्लासेज पर ध्यान रखें जिससे शिक्षण संस्थाएं व्यवस्थित रूप से ऑनलाइन क्लासेस चलवाने के लिए बाध्य हो। आप जो फीस शिक्षण संस्थाओं को देते हैं उससे शिक्षक व शिक्षण संस्थाओं से जुड़े सभी कर्मचारियों के घर का चूल्हा जलता है।