Agra News :आगरा मेट्रो ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, 959 यात्रियों के भार के साथ 80 किमी/घंटा की रफ्तार पर सफल परीक्ष
संवाददाता प्रताप सिंह आजाद
आगरा। आगरा मेट्रो परियोजना ने यात्री सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) की ओर से आगरा मेट्रो के द्वितीय कॉरिडोर पर प्री-RDSO (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) ऑसिलेशन टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी की गई। यह परीक्षण डिपो के एंट्री रैंप से सदर बाजार मेट्रो स्टेशन के बीच किया गया।
परीक्षण के दौरान मेट्रो ट्रेन को वास्तविक यात्री भार जैसी परिस्थितियों में चलाकर उसकी स्थिरता, प्रदर्शन और तकनीकी व्यवहार का आकलन किया गया। इसके लिए ट्रेन के अंदर सैंड बैग रखकर कुल 959 यात्रियों के बराबर भार तैयार किया गया। यह भार लगभग 60 से 80 टन के बीच था। इस दौरान मेट्रो ट्रेन को अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से संचालित कर विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई।
ट्रैक और सिविल संरचना की मजबूती का हुआ आकलन
प्री-RDSO ऑसिलेशन टेस्टिंग मेट्रो ट्रेन के सुरक्षित और सुचारु संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया है। इस परीक्षण का उद्देश्य विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में ट्रेन की स्थिरता और प्रदर्शन का आकलन करना है। इसके साथ ही ट्रैक और सिविल संरचनाओं की मजबूती एवं स्थिरता की भी जांच की जाती है।
परीक्षण के दौरान सभी निर्धारित तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए और ट्रायल सफल रहा। यह उपलब्धि द्वितीय कॉरिडोर पर यात्री सेवाएं शुरू करने की तैयारियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक विकसित हो रहा द्वितीय कॉरिडोर
आगरा मेट्रो का द्वितीय कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक प्रस्तावित है। इस रूट पर आगरा कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा और कलेक्ट्रेट मेट्रो स्टेशनों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इसके अलावा एमजी रोड से कालिंदी विहार तक के शेष हिस्से में भी सिविल निर्माण कार्य प्रगति पर है।

इस कॉरिडोर के माध्यम से संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज क्रॉसिंग, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, मंडी समिति और कालिंदी विहार जैसे प्रमुख व्यावसायिक एवं आवासीय क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से जुड़ेगा आगरा
आगरा मेट्रो का उद्देश्य शहर के प्रमुख व्यावसायिक, आवासीय और पर्यटन स्थलों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए निर्माण कार्यों के साथ-साथ विभिन्न तकनीकी परीक्षण भी लगातार किए जा रहे हैं, ताकि मेट्रो सेवाओं का संचालन सुरक्षित और सुचारु तरीके से किया जा सके।

959 यात्रियों के बराबर भार के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर सफल प्री-RDSO ऑसिलेशन टेस्टिंग आगरा मेट्रो के द्वितीय कॉरिडोर की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।