संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर सोफवा गांव के समीप सोमवार की देर शाम ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
मृतकों की पहचान शिकारपुर थाना क्षेत्र के सोफवा गांव निवासी सकेश चौधरी की पत्नी जानकी देवी और उनकी बेटी पिंजल कुमारी के रूप में हुई है।

बताया जाता है कि जानकी देवी अपनी बेटी के साथ किराना दुकान से सामान खरीदकर रेल ट्रैक पार कर अपने घर जा रही थीं। इसी दौरान मुजफ्फरपुर से नरकटियागंज की ओर आने वाली 63341 मेमो पैसेंजर ट्रेन की चपेट में दोनों आ गईं। हादसा सोफवा गांव के समीप रेलवे पिलर संख्या 243/29 के पास हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही नरकटियागंज आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप और शिकारपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्रामीणों ने रेलवे फाटक की मांग उठाई
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि सोफवा गांव के समीप रेलवे फाटक बनवाने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक फाटक का निर्माण नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले इस रेलखंड पर सिंगल रेलवे ट्रैक था, जिसे अब डबल ट्रैक कर दिया गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते यहां रेलवे फाटक का निर्माण कर दिया गया होता तो मां-बेटी के साथ यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से सोफवा गांव के समीप जल्द से जल्द रेलवे फाटक अथवा सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था कराने की मांग की है।