संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चम्पारण।
पश्चिमी चम्पारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अंतर्गत नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया गांव से होकर गुजरने वाली भपसा नहर में मगरमच्छों के लगातार दो हमलों के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने रविवार की रात चंदा एकत्र कर श्रमदान से नहर पर चचरी पुल का निर्माण कर दिया। इस कार्य में वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा ने भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया।

ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण भपसा नहर में कमर तक पानी भरा हुआ है। नहर के दूसरी ओर हजारों किसानों की कृषि भूमि स्थित है, जहां धान की रोपाई और निराई-गुड़ाई के लिए किसानों को नहर पार करनी पड़ती थी। इसी दौरान 20 जुलाई को एक किसान पर मगरमच्छ ने हमला कर उसकी जान ले ली। वहीं रविवार की सुबह नहर पार कर रही एक महिला पर भी मगरमच्छ ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
लगातार हो रही घटनाओं से चिंतित ग्रामीणों ने विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा से मुलाकात कर नहर पर पुल निर्माण की मांग की। तत्काल स्थायी पुल का निर्माण संभव नहीं होने के कारण विधायक ने अस्थायी रूप से चचरी पुल बनाने की सलाह दी और इसके लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके बाद ग्रामीणों ने भी चंदा एकत्र कर श्रमदान के माध्यम से रातोंरात चचरी पुल का निर्माण कर दिया।
वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में मगरमच्छ के हमलों में एक किसान की मौत हो चुकी है, जबकि एक महिला घायल हुई है। ऐसे में किसानों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल राहत के रूप में चचरी पुल बनवाने के लिए आर्थिक सहयोग दिया गया, ताकि लोगों को नहर का पानी पार न करना पड़े और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव हो सके।
मदनपुर वन क्षेत्र के रेंजर नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि भपसा नहर तिरहुत कैनाल से जुड़ी हुई है, जिसका संपर्क गंडक नदी से होने के कारण मगरमच्छ इसमें पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि मगरमच्छों की सही संख्या का अनुमान लगाना कठिन है। 20 जुलाई को पहली घटना के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद लगातार लोगों से नहर पार नहीं करने की अपील की जा रही थी। बावजूद इसके रविवार को नहर पार करने के दौरान महिला पर हमला हो गया।
रेंजर ने बताया कि अब ग्रामीणों द्वारा चचरी पुल बना दिए जाने से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही वन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मगरमच्छ के हमले में मृत किसान के परिजनों को ₹10 लाख का मुआवजा तथा घायल महिला को भी नियमानुसार उपचार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।