संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।
राजापाकर थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर गांव में शनिवार को एक निर्माणाधीन मकान की छत ढलाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सेवानिवृत्त शिक्षक शैलेश कुमार सिंह के घर पर छत की ढलाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक पूरी छत भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने राजापाकर थाना को जानकारी दी। सूचना पर थाना अध्यक्ष गौरीशंकर बैठा पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
राहत कार्य के दौरान स्थानीय ईंट-भट्ठे (चिमनी) से जेसीबी मशीन मंगाकर मलबा हटाया गया और दबे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी घायलों को एसडीआरएफ एवं पुलिस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजापाकर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल, हाजीपुर रेफर कर दिया गया।
घायलों की पहचान बरियारपुर बुजुर्ग निवासी अमोद कुमार सिंह (पिता- स्वर्गीय राम इकबाल सिंह), चंद्रदेव पासवान (पिता- वासुदेव पासवान), मोहन पासवान (पिता- स्वर्गीय हरदेव पासवान) तथा चिंटू पासवान के रूप में हुई है। सभी बरियारपुर गांव के निवासी हैं। इनमें ठेकेदार मोहन पासवान की हालत सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है।
घायल मजदूरों अमोद कुमार सिंह और चंद्रदेव पासवान ने बताया कि छत की ढलाई का कार्य सामान्य रूप से चल रहा था। सभी मजदूर अपने-अपने काम में लगे थे। तभी अचानक नीचे से कर्कराहट की आवाज सुनाई दी। जब तक वे कुछ समझ पाते, पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई और सभी मलबे में दब गए।
हादसे की सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी निशा यादव भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटना की जानकारी ली और कहा कि पीड़ितों को आपदा राहत कोष के तहत नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।