संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
दयालपुर, वैशाली। ब्रज मोहन दास महाविद्यालय, दयालपुर के शिक्षक संघ ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित बिहार उच्च शिक्षा अधिनियम, 2026 का विरोध करते हुए इसे उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया है। शिक्षक संघ ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया है।

शिक्षक संघ के सचिव ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम लागू होने से महाविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी तथा शिक्षकों के शैक्षणिक एवं शोध कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि प्रस्तावित विधेयक से स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के शिक्षकों के बीच समन्वय प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही, उनका दावा है कि यह प्रावधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप नहीं है। शिक्षक संघ ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून से महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों के बीच भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
शिक्षक संघ के अनुसार, यदि शिक्षकों की राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध संबंधी प्रावधान किए जाते हैं, तो इससे उनके संवैधानिक अधिकारों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
संघ ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि यदि बिहार उच्च शिक्षा अधिनियम, 2026 में संशोधन या नया कानून लाया जाना है, तो उससे पहले शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा शिक्षक संगठनों से व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाए।
शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्वरूप में प्रस्तावित बिहार उच्च शिक्षा अधिनियम, 2026 को वह स्वीकार नहीं करता है और सरकार से इसे पुनर्विचार के लिए वापस लेने अथवा आवश्यक संशोधन करने की मांग करता है।