संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से सटे वाल्मीकिनगर–पनियहवा रेलखंड पर सोमवार की अहले सुबह एक दर्दनाक हादसे में एक जंगली भालू की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना वाल्मीकिनगर और पनियहवा रेलवे स्टेशन के बीच अड़गणना टोला के समीप भापसा नदी पर बने रेलवे पुल संख्या-357 पर हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात ट्रेन की टक्कर लगने से भालू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। भालू का शव रेलवे ट्रैक पर पड़े रहने के कारण लगभग दो घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा। इस दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस, अंत्योदय एक्सप्रेस और सप्तक्रांति एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। इससे यात्रियों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
वनपाल राजेश रोशन, वनरक्षी सुजीत कुमार तथा पशु चिकित्सक डॉ. संजीव रंजन कुमार ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक जांच-पड़ताल की। इसके बाद भालू के शव को रेलवे ट्रैक से हटाया गया, जिससे रेल परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
मदनपुर वनक्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि किस ट्रेन की चपेट में आने से भालू की मौत हुई। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि वाल्मीकिनगर–पनियहवा रेलखंड वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के निकट स्थित है, जहां जंगली जानवरों की आवाजाही अक्सर बनी रहती है। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा और रेल परिचालन के बीच बेहतर समन्वय तथा प्रभावी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।